रिपोर्टर,,,, कृष्ण नाथ टोप्पो,,,, बलरामपुर
बलरामपुर में वन विभाग की मेहरबानी या मिलीभगत चंद्रनगर में फल-फूल रहा भू-माफिया, हजारों एकड़ वन भूमि पर कब्जा
बलरामपुर जिला के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत चंद्रनगर रानीबार बीट क्रमांक p 3430 एक तरफ प्रदेश सरकार पर्यावरण को बचाने के लिए हर साल लाखों पौधे लगाने का ढिंढोरा पीटती है वहीं दूसरी तरफ बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिछेत्र के चंद्रनगर (रानीबार बीट) p3430 में वन विभाग की नाकामी के चलते हजारों एकड़ जंगल की जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा जमा हुआ है। आलम यह है कि हर साल सरकारी पैसों से तार घेराव होता है, पौधारोपण का नाटक रचा जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों में पौधे गायब हो जाते हैं अब पौधे जमीन निगल जाती है या आसमान इसका जवाब देने वाला कोई नहीं झारखंड से आकर बस रहे लोग, खुलेआम हो रही वन भूमि की खरीद-बिक्री सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो इस पूरे अवैध खेल में बाहर से आए भू-माफिया सक्रिय हैं। झारखंड से लोगों को बुला-बुलाकर वन भूमि पर बसाया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब जंगल की इस सरकारी जमीन की बाकायदा अवैध रूप से खरीद-बिक्री तक की जा रही है अगर वन विभाग और प्रशासन इन बाहरी लोगों के दस्तावेजों सैटलमेंट पहचान पत्र का सही तरीके से मिलान करे, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि ये लोग झारखंड के मूल निवासी हैं। लेकिन वन विभाग आंखें मूंदकर बैठा हुआ है नोटिस-नोटिस का खेल वन विभाग लाचार या वफादार ग्रामीणों ने इस अवैध कब्जे की शिकायत एक बार नहीं बल्कि दर्जनों बार वरिषट अधिकारियों से की है लेकिन हर बार वन विभाग का रवैया टाल-मटोल वाला ही रहता है जब भी मामला गर्म होता है तो साहब लोग सिर्फ एक कागजी नोटिस’ जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। सवाल उठता है कि क्या वन विभाग के कर्मचारियों को सरकार से वेतन नहीं मिलता जो वे भू-माफियाओं के आगे इतने लाचार दिख रहे हैं या फिर इस पूरे खेल में अंदर ही अंदर ‘मलाई’ बांटी जा रही है
बीट गार्ड नदारद जंगल में दौड़ रही बिजली की तारें और खुल रहे मुर्गी फार्म चंद्रनगर बीट p 3430 की स्थिति और भी चौंकाने वाली है ड्यूटी से नदारद बीट गार्ड रानीबार चंद्रनगर बीटp3430 के बीट गार्ड मंगल सिंह अक्सर अपनी ड्यूटी और डिप्टी से नदारद रहते हैं जिससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं।
अवैध बोरवेल और बिजली लाइन वन भूमि पर खुलेआम अवैध तरीके से बिजली के तार खींचे गए हैं बोरवेल खनन कराए गए हैं और अवैध कब्जाधारी अब खुद को ‘बड़े किसान’ बता रहे हैं व्यावसायिक इस्तेमाल वन विभाग की जमीन पर सिर्फ झोपड़ियां ही नहीं बनी हैं बल्कि वहां बड़े-बड़े मुर्गी फार्म पोल्ट्री फार्म खोलकर खुलेआम बिजनेस चलाया जा रहा है।
क्या जागेगा प्रशासन तीन-चार मुख्य बिचौलिए झारखंड से लोगों को लाकर वन भूमि का सौदा कर रहे हैं और पूरा का पूरा चंद्रनगर बीट p 3430 तमाशा देख रहा है। अगर समय रहते शासन-प्रशासन ने इस पर कड़ा संज्ञान नहीं लिया और निष्पक्ष जांच नहीं कराई, तो चंद्रनगर का रानीबार p3430 जंगल सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह जाएगा अब देखना यह होगा कि इस रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार अधिकारी जागते हैं या फिर से कागजी नोटिस का नया खेल शुरू होता है



