युवा पत्रकार देशबन्धु नेताम
देवभोग गरियाबंद
गरियाबंद पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए गांव-गांव में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीम चौपालों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया सुरक्षा के प्रति लगातार सतर्क कर रही है। हालांकि, इसके बावजूद देवभोग और आसपास के क्षेत्रों में इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट हैक होने तथा आईडी का दुरुपयोग करने तेजी से शुरू हो रहा है
साइबर अपराधी मासूम लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बनाकर उनके परिचितों से आपातकाल का बहाना बनाकर ब्लैकमेल करने की इरादे कई जगह पर सामने आ रही है गरियाबंद पुलिस और साइबर सेल ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया हैकिंग, दूसरों की फर्जी पहचान बनाने या किसी का अकाउंट अनधिकृत रूप से इस्तेमाल करने वाले अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कई वर्षों की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
साइबर हैकिंग और धोखाधड़ी में लगने वाली प्रमुख कानूनी धाराएं:
धारा 66 (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000): यदि कोई व्यक्ति किसी कंप्यूटर, मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट को बिना अनुमति के हैक करता है या डेटा से छेड़छाड़ करता है, तो इस धारा के तहत 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
धारा 66C (IT एक्ट – पहचान की चोरी): किसी दूसरे व्यक्ति के पासवर्ड, यूजर आईडी, बायोमेट्रिक या डिजिटल हस्ताक्षर का अनधिकृत उपयोग करने पर 3 साल तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
धारा 66D (IT एक्ट – कंप्यूटर संसाधन का उपयोग कर धोखाधड़ी): सोशल मीडिया हैक कर किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करके (Impersonation) लोगों से पैसे ठगने पर इस धारा के तहत 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।
धारा 318(4) [भारतीय न्याय संहिता – BNS] (पूर्व में IPC धारा 420): धोखाधड़ी (Cheating) और छलपूर्वक संपत्ति या पैसे ऐंठने के मामले में इस गैर-जमानती धारा के तहत अपराधी को 7 साल तक की कठिन जेल और जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
धारा 319 (BNS – बहुरूपिया बनकर धोखाधड़ी): किसी दूसरे की फर्जी प्रोफाइल बनाकर या उसका हैक किया हुआ अकाउंट इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने पर 3 साल तक की सजा हो सकती है।
सुरक्षा और बचाव के लिए साइबर सेल की जरूरी सलाह:
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन रखें: अपने इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप में 2FA सुरक्षा फीचर चालू करें ताकि बिना ओटीपी के कोई लॉगिन न कर सके।
अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी संदिग्ध या लुभावने लिंक पर क्लिक करने से बचें।
मजबूत पासवर्ड बनाएं: अपने सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड में नाम या जन्मतिथि के बजाय अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर ($#@*) का इस्तेमाल करें।
पैसे भेजने से पहले पुष्टि करें: यदि किसी मित्र या रिश्तेदार का संदेश पैसे मांगने के लिए आता है, तो तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें। पहले उन्हें फोन कर वास्तविक स्थिति की पुष्टि करें।
अब देखना यह होगा कि साइबर सेल टिम कितने दिनों के अंदर इन हैकर्स को जेल भेजने में कामयाब रहेगी



