युवा पत्रकार देशबन्धु नेताम
देवभोग (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड में विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत निष्टिगुडा में गांव के इतिहास का पहला महिला शौचालय बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य को ‘वीबीजी राम जी’ के नवीन निर्माण कार्यों के अंतर्गत गति दी गई है, जिसने पूरे देवभोग ब्लॉक में एक नई मिसाल पेश की है। यह परियोजना न केवल ग्रामीण स्वच्छता को नया आयाम दे रही है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
क्यों थी इस निर्माण की आवश्यकता?
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं का अभाव अक्सर महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होता है। निष्टिगुडा जैसे दूरदराज के गांवों में खुले में शौच की विवशता महिलाओं की गरिमा के खिलाफ थी, साथ ही इससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती थीं। बरसात और ठंड के दिनों में महिलाओं को विशेषकर रात के समय भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीण महिलाओं की इस गंभीर समस्या को समझते हुए और शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छता अभियानों को धरातल पर उतारने के लिए इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की गई। ‘वीबीजी राम जी’ के सहयोग और स्थानीय स्तर पर किए गए समन्वित प्रयासों ने इस जरूरत को आखिरकार एक ठोस आकार दे दिया।
‘वीबीजी राम जी’ के नए निर्माण कार्यों की अनूठी पहल
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसके क्रियान्वयन का तरीका और गुणवत्ता है। ‘वीबीजी राम जी’ के नए निर्माण कार्यों के तहत इस महिला शौचालय को आधुनिक मानकों और ग्रामीण आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
गुणवत्ता और पारदर्शिता: निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्रियों का उपयोग किया गया है ताकि यह लंबे समय तक टिकाऊ रह सके।
सुविधाएं: शौचालय परिसर में पानी की निरंतर आपूर्ति, पर्याप्त वेंटिलेशन और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थान का चयन: इसे गांव के एक ऐसे सुलभ और सुरक्षित स्थान पर बनाया गया है जहाँ महिलाओं की पहुंच बेहद आसान हो।
इस निर्माण कार्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा में और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ काम किया जाए, तो दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में भी शहरी स्तर की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
देवभोग ब्लॉक में बनी प्रेरणा की मिसाल
निष्टिगुडा में बना यह महिला शौचालय केवल एक ईंट-गारे की संरचना नहीं है, बल्कि यह देवभोग ब्लॉक के लिए विकास की एक नई सुबह का प्रतीक बन गया है। इस निर्माण कार्य की गूंज पूरे विकासखंड में सुनाई दे रही है:
अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा: निष्टिगुडा की इस सफलता को देखकर आसपास की अन्य ग्राम पंचायतें भी अपने यहाँ इस तरह के सामुदायिक कार्यों को शुरू करने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
महिला सशक्तिकरण का संदेश: यह शौचालय महिलाओं को यह अहसास कराता है कि समाज और शासन व्यवस्था में उनकी बुनियादी जरूरतों को अब पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।
सामुदायिक अपनत्व: इस निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का भी सक्रिय सहयोग रहा, जिससे यह साबित होता है कि जनसहभागिता से बड़े से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।
भविष्य की राह और स्वच्छता का संकल्प
गांव के प्रबुद्ध नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने इस पहल का दिल से स्वागत किया है। महिलाओं का कहना है कि अब उन्हें खुले में शौच जाने की मजबूरी और असुरक्षा की भावना से मुक्ति मिल गई है।
प्रशासन और ‘वीबीजी राम जी’ की टीम ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस शौचालय की नियमित देखरेख और साफ-सफाई की जिम्मेदारी गांव के स्तर पर तय की जाए, ताकि यह हमेशा उपयोग के योग्य बना रहे।



