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October 10, 2026 5:21 am

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बालक आश्रम जमगला में बदहाली : कचरे में महापुरुषों की तस्वीरें, फटे गद्दों पर सोने को मजबूर बच्चे,रात्रिकालीन अनुपस्थिति और निगरानी की कमी पर गंभीर सवाल

अंबिकापुर/सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बालक आश्रम जमगला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. आश्रम में रहने वाले बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है. परिसर में कचरे के बीच महापुरुषों की तस्वीरें, वर्षों पुराने फटे गद्दे-चादरें और भवन में दरारें जैसी स्थिति सामने आने के बाद छात्रावास की व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं.

 

कचरे में पड़ी महापुरुषों की तस्वीरें…

आश्रम परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और शहीद भगत सिंह जैसे महापुरुषों की तस्वीरें कचरे के बीच पड़ी होने की शिकायत है. जिस जगह बच्चों को स्वच्छता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्य सिखाए जाने चाहिए, वहां महापुरुषों की तस्वीरों की यह हालत व्यवस्था की गंभीर अनदेखी दर्शाती है.

फटे गद्दे और चादरों पर रात गुजारने को मजबूर बच्चे…

छात्रावास में सोने की व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें हैं. कई गद्दे पुराने और क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं, चादरों की हालत भी खराब है. अभिभावक और ग्रामीण कह रहे हैं कि बच्चों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त बिस्तर उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

जर्जर भवन में सुरक्षा का खतरा…

आश्रम भवन की हालत चिंताजनक बताई जा रही है. दीवारों में कई जगह दरारें और छत का प्लास्टर उखड़ना सामने आया है. अगर भवन रहने योग्य नहीं है तो बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल तकनीकी जांच और वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है.

कोयला आपूर्ति पर भी सवाल

भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कोयले की आपूर्ति, रिकॉर्ड और गुणवत्ता जांच को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. इन आरोपों की जांच दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन के आधार पर होनी चाहिए.

निगरानी और अधिकारियों पर आरोप…

आश्रम की निगरानी की जिम्मेदारी को लेकर मंडल संयोजक मनीष वर्मा की भूमिका पर सवाल उठे हैं. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पर्याप्त निगरानी न होने से व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं. जिले के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला पर भी कथित ‘सेटिंग’ और संरक्षण के आरोप लगाए गए हैं. ये आरोप अभी स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुए हैं. संबंधित अधिकारियों का पक्ष आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

महिला अधीक्षक की रात्रिकालीन अनुपस्थिति…

बालक आश्रम जमगला में छात्रावास अधीक्षक का प्रभार लकी लकड़ा को दिया गया है. आरोप है कि अधीक्षक रात के समय छात्रावास में मौजूद नहीं रहतीं. अगर यह सही है तो आपात स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी की उपलब्धता पर सवाल खड़ा होता है. विभाग को रात्रिकालीन निगरानी की वैकल्पिक व्यवस्था, सुरक्षा जिम्मेदारी और आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था स्पष्ट करनी चाहिए.

बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला, जांच जरूरी…

बालक आश्रम में रहने वाले बच्चे सुविधाओं के मोहताज नहीं, बल्कि आवासीय शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं. उनके लिए सुरक्षित भवन, स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त बिस्तर, पौष्टिक भोजन और 24 घंटे जिम्मेदार निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है.

अब देखना होगा कि विभाग इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आश्रम का भौतिक निरीक्षण, भवन की तकनीकी जांच, बिस्तर-भोजन व्यवस्था का सत्यापन और अधीक्षक की रात्रिकालीन उपस्थिति की जांच कराता है या नहीं. बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े इस मामले में पारदर्शी जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी.

ATD News
Author: ATD News

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