कोरबा। जिले के ग्राम धतूरा में आवारा मवेशियों के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा गायों को पकड़कर गौशाला भेजने की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान करीब 52 गायों को अंडी कछार स्थित गौशाला में भेजा गया, जबकि लगभग 8 गायों को शासकीय उचित मूल्य की दुकान (सोसाइटी) की बाउंड्री के भीतर ही बंद रखा गया। आरोप है कि इन गायों को पिछले 17 से 18 दिनों से वहां रखा गया था, लेकिन समय पर उचित व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों ने लगाया चारा-पानी की कमी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि बाउंड्री के भीतर बंद गायों के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं की जा रही थी। इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों को बार-बार जानकारी देने और मवेशियों की व्यवस्था सुधारने की मांग करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
दूसरी गाय की मौत से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को बाउंड्री में बंद दूसरी गाय की भी मौत हो गई। लगातार मवेशियों की मौत से गांव में नाराजगी और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
हर घर से 500 रुपये लेने का भी आरोप
इस मामले में ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा प्रत्येक घर से गायों को गौशाला भेजने के नाम पर 500-500 रुपये जबरन लिए गए हैं।
ग्राम धतूरा में गायों को लंबे समय तक बाउंड्री के भीतर रखे जाने, चारा-पानी की कथित कमी और मवेशियों की मौत के मामले ने पशु देखरेख की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गायों के लिए तत्काल उचित चारा-पानी तथा सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



