Explore

Search

October 11, 2026 4:00 am

लेटेस्ट न्यूज़

अंबिकापुर महामाया मंदिर : शारदीय नवरात्रि में उमड़ेगी आस्था की लहर, हजारों ज्योति कलश होंगे प्रज्ज्वलित

अंबिकापुर. शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर सरगुजा जिले के प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. आस्था, परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध यह प्राचीन शक्तिपीठ न केवल सरगुजा, बल्कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. नवरात्रि के दौरान मंदिर में हजारों मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाने की तैयारी है.

अनोखी धार्मिक मान्यता से जुड़ा है महामाया मंदिर

अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर अपनी विशिष्ट धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. मान्यता के अनुसार, मां महामाया का धड़ अंबिकापुर में विराजमान है, जबकि उनका सिर बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर में है. इसी मान्यता के चलते अंबिकापुर मंदिर में मां की बिना सिर वाली प्रतिमा की पूजा की जाती है.

परंपरा के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के अवसर पर बैगा और कुम्हार द्वारा मां का सिर बनाया जाता है तथा पुराने सिर को नदी में विसर्जित किया जाता है. मंदिर का नाम अंबिका देवी के नाम पर पड़ा, जिसके चलते शहर का नाम अंबिकापुर पड़ा. मंदिर का निर्माण महाराजा रघुनाथ शरण सिंहदेव ने करवाया था. मां महामाया सरगुजा राजपरिवार की कुलदेवी भी मानी जाती हैं.

परंपरा के अनुसार, नवरात्रि के प्रथम दिन बैगा द्वारा पहली पूजा की जाती है. इसके बाद मंदिर के पुजारी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोले जाते हैं.

11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हो रही है. इसके एक दिन पहले, 10 अक्टूबर को महालय अमावस्या मनाई जा रही है. दुर्गा पूजा के प्रमुख आयोजन 19 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक प्रस्तावित हैं, जिनमें महाषष्ठी से लेकर विजयादशमी तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे.

पिछले वर्षों की तरह इस बार भी मां महामाया मंदिर में बड़ी संख्या में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होने की संभावना है. चैत्र नवरात्रि के दौरान भी मंदिर में 5,400 से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए थे. इसे देखते हुए शारदीय नवरात्रि में भी श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ जुटने की उम्मीद है.

 

महाअष्टमी के अवसर पर सरगुजा राजपरिवार द्वारा विशेष पूजा-अर्चना किए जाने की परंपरा रही है. नवरात्रि के दौरान मंदिर में भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे. मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं करने में जुटा है.

आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है महामाया मंदिर

मां महामाया मंदिर अंबिकापुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न प्रतीक है. शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन, पूजा-अर्चना और मनोकामना ज्योति कलश के माध्यम से श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट करेंगे. नवरात्रि के नौ दिनों में मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिलेगा.

ATD News
Author: ATD News

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर