देशबन्धु नेताम
देवभोग (गरियाबंद) : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोकसरा में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘सरस्वती साइकिल योजना’ के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के कक्षा नौवीं में अध्ययनरत कुल 26 जरूरतमंद एवं पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलों का वितरण किया गया।
साइकिल वितरण समारोह का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्राओं को विद्यालय आवागमन में होने वाली कठिनाइयों को दूर करना और उनकी शिक्षा में निरंतरता बनाए रखना है।
अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय जनप्रतिनिधि और शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार की यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। अक्सर देखा जाता है कि घर से स्कूल की दूरी अधिक होने और परिवहन साधन न मिलने के कारण बच्चे पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। साइकिल मिलने से न केवल उनका समय बचेगा, बल्कि वे नियमित रूप से और उत्साह के साथ स्कूल आ सकेंगे।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के चेहरे पर दिखी खुशी
नि:शुल्क साइकिल प्राप्त करने के बाद खोकसरा स्कूल के 26 -छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यार्थियों ने बताया कि पहले उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आना पड़ता था, जिससे वे काफी थक जाते थे। अब साइकिल मिल जाने से वे समय पर स्कूल पहुंच सकेंगे और अपनी पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उपस्थित अभिभावकों ने भी शासन की इस कल्याणकारी योजना के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
संस्था प्रमुख और शिक्षकों का योगदान
विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्राचार्य जितेश खरे ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शासन की इन सुविधाओं का लाभ उठाकर वे अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें और अपने गांव तथा क्षेत्र का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम का समापन अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।



