सरगुजा. सरगुजा जिले के वन परिक्षेत्र उदयपुर में पिछले कुछ दिनों से विचरण कर रहा इकलौता दंतैल हाथी शुक्रवार देर रात अचानक अदाणी द्वारा संचालित PEKB खदान क्षेत्र में जा घुसा. खदान के भीतर हाथी के पहुंचने की खबर मिलते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. कंटीले तारों की फेंसिंग के अंदर करीब दो घंटे तक हाथी के विचरण करने से खदान क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा.
हाथी की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम शुक्रवार शाम से ही परोगिया, सैदु, सुसकम, घाटबर्रा और फतेपुर क्षेत्र के ग्रामीणों को सतर्क कर रही थी. इसी दौरान रात करीब 12 बजे घाटबर्रा जंगल की ओर से हाथी के चिंघाड़ने की आवाज सुनाई दी. इसके बाद वन अमले ने तत्काल हाथी की लोकेशन ट्रैक करना शुरू किया.
खदान तक पहुंचने के लिए पैदल चले वनकर्मी
रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच वन विभाग की मैदानी टीम हाथी के करीब पहुंची. जिस स्थान तक गजराज वाहन नहीं पहुंच सका, वहां से वनकर्मियों को करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलकर खनन क्षेत्र तक पहुंचना पड़ा. इसके बाद टीम ने करीब दो घंटे तक मशक्कत करते हुए हाथी को खदान क्षेत्र से बाहर निकालने का अभियान चलाया.
सुबह करीब 4 बजे वन अमले को हाथी को खदान क्षेत्र से बाहर निकालने में सफलता मिली. इसके बाद खदान कर्मचारियों ने राहत की सांस ली.
बताया गया कि खदान क्षेत्र में बिना पास अथवा कंपनी कार्ड के प्रवेश की अनुमति नहीं होने के कारण वन अमले को भी अंदर पहुंचने में कुछ समय लगा. हाथी के खनन क्षेत्र में पहुंचने के बाद कंपनी के कैंपर वाहन से टीम को एक निश्चित दूरी तक ले जाया गया, जिसके बाद वनकर्मियों ने पैदल आगे बढ़कर हाथी को बाहर निकालने की कार्रवाई की.
परसा-घाटबर्रा के जंगल में अब भी मौजूद दंतैल
खदान क्षेत्र से बाहर निकाले जाने के बाद दंतैल हाथी परसा और घाटबर्रा कोयला खदान क्षेत्र से लगे जंगल में ही विचरण कर रहा है. वन विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है. साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और रात के समय जंगल एवं हाथी के संभावित मार्गों की ओर नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है.
हाथी को खदान क्षेत्र से बाहर निकालने के अभियान में वनपाल राम बिलास सिंह, वनरक्षक भरत सिंह, बृजभान सिंह, सुरक्षा श्रमिक जयनाथ सिंह और वाहन चालक नरेंद्र राजवाड़े की टीम शामिल रही.



