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August 25, 2026 1:29 am

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14 वर्षीय नाबालिग की मौत पर उठे गंभीर सवाल

कोरबा। हरदी बाजार क्षेत्र की 14 वर्षीय नाबालिग की आत्महत्या के मामले ने एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के पिता नरेश कुमार चौहान ने 20 अगस्त 2026 को भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव को पत्र सौंपकर अपनी बेटी की मौत की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पिता के पत्र में लगाए गए आरोपों के अनुसार, उनकी पुत्री ने 24 जुलाई 2026 को आत्महत्या कर ली थी। इससे पूर्व कथित रूप से उसकी निजी तस्वीरें बिना अनुमति सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पिता का कहना है कि इस संबंध में उनकी बेटी ने 21 एवं 22 जुलाई को हरदी बाजार थाने पहुंचकर शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

पिता ने आरोप लगाया है कि न तो शिकायत को गंभीरता से लिया गया और न ही तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती तो शायद उनकी बेटी को बचाया जा सकता था। हालांकि इन आरोपों की सत्यता जांच का विषय है और पुलिस की भूमिका सहित पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग

मृतका के पिता ने आशंका जताई है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए मृतका के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधियों तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मृतका का मोबाइल आरोपी के पास हो सकता है और उसमें घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य मौजूद हो सकते हैं।

पिता ने मांग की है कि मोबाइल को तत्काल जब्त कर उसकी फोरेंसिक जांच कराई जाए तथा आरोपों में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आ रहे हैं, उनसे पूछताछ की जाए।

पिता ने रखीं छह प्रमुख मांगें

मृतका के पिता ने अपने पत्र के माध्यम से छह प्रमुख मांगें रखी हैं—

1. मृतका के मोबाइल को जब्त कर कथित आरोपी निखिल एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाए।

2. मोबाइल की कॉल डिटेल, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधियों एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गंभीरता से जांच की जाए।

3. हरदी बाजार थाने के CCTV फुटेज एवं संबंधित रजिस्टरों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि मृतका एवं उसके परिजन शिकायत लेकर थाने कब और किस परिस्थिति में पहुंचे थे।

4. यदि जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

5. मामले में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत विशेषज्ञ टीम गठित कर डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कराई जाए।

6. जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

“मेरी बेटी को न्याय मिले, ताकि किसी और बेटी के साथ ऐसा न हो”

अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए पिता ने पत्र में भावुक अपील की है कि एक बेबस पिता अपनी मासूम बेटी के लिए न्याय की उम्मीद लेकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बेटी को ऐसी पीड़ा से न गुजरना पड़े।

इस मामले में भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने कहा कि एक नाबालिग बच्ची की मौत से जुड़ा मामला अत्यंत संवेदनशील है। इसमें भावनाओं के साथ-साथ निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि कहीं पुलिस स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

राजेश यादव ने कहा कि वे पीड़ित परिवार की न्याय की मांग को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक स्तर पर आवाज उठाएंगे।

मासूम बेटी की मौत का सच सामने आए और परिवार को न्याय मिले—यही इस पूरे मामले में पीड़ित पिता की सबसे बड़ी उम्मीद है।

ATD News
Author: ATD News

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