पत्रकार देशबन्धु नेताम
देवभोग (गरियाबंद):
पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुरला पारा में अध्यात्म और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ‘बोल बम समिति’ कुरला पारा द्वारा आयोजित भव्य महाप्रसाद भंडारे में क्षेत्र भर के हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन “हर-हर महादेव” और “जय बाबा बर्फानी” के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।
सावन माह के अंतिम दिन सुबह से ही कुरला पारा स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। समिति के सदस्यों द्वारा भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। इसके पश्चात महाआरती की गई, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों सहित आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आरती संपन्न होते ही महाप्रसाद (भंडारा) का शुभारंभ किया गया।
अनुशासित और विशाल आयोजन
बोल बम समिति द्वारा आयोजित यह भंडारा क्षेत्र का एक प्रमुख आयोजन बन चुका है। समिति के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। महिलाओं, पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग पंक्तियों (पंगत) की व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। भोजन परोसने से लेकर स्वच्छता बनाए रखने तक, समिति के युवा कार्यकर्ताओं की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रही।
भंडारे में शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया था। महाप्रसाद के रूप में हलवा, पूरी, सब्जी और खीर का वितरण किया गया। दोपहर से शुरू हुआ यह भंडारा देर शाम तक अनवरत चलता रहा, जिसमें देवभोग के अलावा आसपास की पंचायतों से आए श्रद्धालुओं ने भी कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की।
सामाजिक समरसता और एकजुटता का प्रतीक
इस अवसर पर बोल बम समिति के प्रमुख पदाधिकारियों ने बताया कि सावन मास में भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ नर सेवा ही नारायण सेवा के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष इस भंडारे का आयोजन किया जाता है। ग्रामीणों के सहयोग और युवा वर्ग के समर्पण से यह आयोजन हर साल एक नई भव्यता प्राप्त कर रहा है। यह आयोजन गांव में धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करता है।
आयोजन को सफल बनाने में बोल बम समिति कुर्ला पारा के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों तथा समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। देर शाम तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे के सफल समापन पर समिति ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।



