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August 27, 2026 11:24 am

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लंबे इंतजार के बाद खुला खोकसरा का शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय, विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

युवा पत्रकार देशबन्धु नेताम | देवभोग, गरियाबंद

देवभोग क्षेत्र के ग्राम खोकसरा में लंबे समय से बंद पड़े शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय का ताला आखिरकार खुल गया है। ग्रामीणों की लगातार मांग, स्थानीय स्तर पर उठे विरोध और उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद औषधालय को दोबारा संचालित किया गया। हालांकि, औषधालय खुलने के बाद ग्रामीणों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
महीनों तक बंद रहा औषधालय, ग्रामीण होते रहे परेशान
खोकसरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आयुर्वेदिक औषधालय प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि औषधालय लंबे समय तक बंद रहने के कारण उन्हें सामान्य उपचार और आयुर्वेदिक परामर्श के लिए दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा था। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि औषधालय को नियमित रूप से संचालित करने की मांग स्थानीय स्तर पर कई बार उठाई गई। ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई।
उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खुला ताला
मामला जिला प्रशासन और आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद स्थिति में बदलाव आया। उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद स्थानीय अमला सक्रिय हुआ और औषधालय को खोलकर संचालन शुरू किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो औषधालय को इतने लंबे समय तक बंद रखने की स्थिति ही नहीं बनती। अब ग्रामीणों की मांग है कि केवल ताला खोलने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि औषधालय का नियमित संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।
विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल
औषधालय के लंबे समय तक बंद रहने को लेकर विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय और जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता तो संस्थान के बंद रहने की जानकारी समय रहते सामने आ जाती।
इसके अलावा यह भी सवाल है कि औषधालय में पदस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी कैसे होती रही और लंबे समय तक संस्थान बंद रहने के बावजूद जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
दवाइयों की उपलब्धता पर भी ध्यान देने की मांग
ग्रामीणों ने औषधालय में आवश्यक आयुर्वेदिक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। लंबे समय तक बंद रहने के बाद दवाइयों के स्टॉक, उनकी उपलब्धता और गुणवत्ता की भी जांच की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को उपचार के लिए दोबारा परेशान न होना पड़े।
सिर्फ ताला खोलना नहीं, नियमित संचालन जरूरी
ग्रामीणों का कहना है कि औषधालय का ताला खुलना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन असली जरूरत नियमित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की है। डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति, आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक, मरीजों के बैठने की व्यवस्था और समय-समय पर विभागीय निरीक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अब देखना यह होगा कि खोकसरा का शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय वास्तव में नियमित रूप से संचालित होता है या फिर कुछ दिनों बाद दोबारा यहां ताला नजर आता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से औषधालय की नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण की मांग की है, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उन्हें लगातार मिल सके।

ATD News
Author: ATD News

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