सरगुजा। ग्राम पंचायत सोनतराई के आश्रित ग्राम डूमरडीह को नगर पंचायत उदयपुर में शामिल किए जाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। रविवार को ग्राम डूमरडीह में मातृशक्ति, पितृशक्ति, युवाओं एवं पंचों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से नगर पंचायत में शामिल किए जाने के विरोध में आगामी ग्राम सभा में प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि डूमरडीह को नगर पंचायत में शामिल किए जाने से पांचवीं अनुसूची के तहत मिलने वाले अधिकारों और ग्राम सभा की शक्तियों पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही नगर पंचायत क्षेत्र में मकान, दुकान, सफाई, जल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के नाम पर करों का अतिरिक्त बोझ ग्रामीणों पर पड़ने की आशंका जताई गई।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में मकान आदि के निर्माण से पहले अनुमति, ब्लू प्रिंट, डायवर्सन जैसी प्रक्रियाओं से ग्रामीणों को अतिरिक्त औपचारिकताओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने पारंपरिक अधिकारों और ग्राम सभा की भूमिका को बनाए रखना चाहते हैं।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने प्रेमनगर नगर पंचायत का उदाहरण देते हुए कहा कि नगर पंचायत गठन को एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि नगर पंचायत व्यवस्था से ग्रामीणों को उनके पारंपरिक अधिकारों एवं ग्राम सभा की शक्तियों से वंचित होने की स्थिति बन सकती है।
1 सितंबर 2026 को होगी ग्राम सभा
गौरतलब है कि डूमरडीह को नगर पंचायत उदयपुर में शामिल किए जाने के संबंध में शासन-प्रशासन द्वारा 1 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत डूमरडीह में ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले ग्रामीणों ने बैठक कर अपनी आपत्ति दर्ज कराने और ग्राम सभा में नगर पंचायत में शामिल किए जाने के विरोध में प्रस्ताव पारित कराने का संकल्प लिया है।
बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि ग्राम सभा में उनकी आपत्ति और मांग को प्रमुखता से रखा जाएगा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में लिए गए इस निर्णय के बाद अब 1 सितंबर को होने वाली ग्राम सभा पर सभी की नजरें टिकी हैं।
बैठक में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयनाथ सिंह केराम, मुख्य प्रशिक्षक के.सी.एस. शिवनाथ विश्वकर्मा, सरपंच नवल सिंह वरकड़े, गोंगपा जिलाध्यक्ष, गोंगपा उदयपुर अध्यक्ष रामजीत आरमोर, गोंडवाना महासभा के पूर्व जिलाध्यक्ष मनबोध मरकाम सहित पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
उदयपुर दौरे पर पहुंचे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयनाथ सिंह केराम भी बैठक में अतिथि के रूप में शामिल हुए।



