देशबन्धु नेताम देवभोग
देवभोग/खोकसरा: क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक गांव खोकसरा में आगामी भव्य अष्टप्रहरी नामयज्ञ (अष्ट प्रहारी) को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पूरा गांव इन दिनों भक्ति और उत्साह के वातावरण में डूबा हुआ है। गांव की मुख्य गलियों से लेकर मंदिर परिसर तक साफ-सफाई और आकर्षक सजावट का काम तेजी से जारी है। आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए बोल बम समिति खोकसरा, देवभोग के सदस्य दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
इस 24 घंटे तक लगातार चलने वाले अखंड नामकीर्तन को लेकर ग्रामीणों में अद्भुत उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन स्थल पर विशाल और भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की वजह से किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। रंग-बिरंगी लाइटों और तोरण द्वारों से पूरे गांव को सजाया जा रहा है, जिससे गांव का दृश्य किसी उत्सव जैसा नजर आ रहा है।
बोल बम समिति की सक्रिय भूमिका
आयोजन की कमान संभाल रही ‘बोल बम समिति खोकसरा’ के सदस्य व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, महाप्रसाद, सुरक्षा और पार्किंग की व्यवस्था को लेकर समिति द्वारा अलग-अलग दल गठित किए गए हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि अष्टप्रहरी नामयज्ञ में विभिन्न आंचलिक और सुप्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों को आमंत्रित किया गया है। ये मंडलियां अपने मधुर भजनों और हरे राम, हरे कृष्ण के महामंत्र से पूरे माहौल को भक्तिरस से सराबोर करेंगी।
गांव भर में जनसहयोग और उल्लास
अष्टप्रहरी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर पूरे खोकसरा गांव की एकजुटता का प्रतीक बन चुका है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक, हर कोई अपनी क्षमता अनुसार सेवा कार्य में अपना योगदान दे रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से गांव में सुख, शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारे का विस्तार होता है।
अष्टप्रहरी के दिन महाप्रसाद का विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें खोकसरा के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। समिति और ग्रामीणों ने देवभोग क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस भव्य अष्टप्रहरी में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।



