अंबिकापुर. झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम को फरारी के दौरान मदद और शरण देने के मामले में अंबिकापुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. इस मामले में अंबिकापुर कोतवाली थाना में मददगारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. झारखंड पुलिस की टीम भी जांच के सिलसिले में अंबिकापुर पहुंच चुकी है और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.
पुलिस जांच के अनुसार, शहर के एक बस संचालक बैदुल खान पर गैंगस्टर शब्बीर आलम को शरण देने और फरारी के दौरान सहयोग करने का आरोप है. प्रारंभिक जांच में बैदुल खान को शब्बीर आलम का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है. पुलिस दोनों के बीच संबंधों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है.
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. जानकारी के अनुसार, वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर शाकिब अफजल पिछले लगभग 15 वर्षों से अंबिकापुर में पहचान बदलकर रह रहा था. शाकिब अफजल के खिलाफ झारखंड में हत्या, लूट, रंगदारी और AK-47 से हमले सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसकी संपत्ति भी झारखंड में पहले ही कुर्क की जा चुकी है.
पुलिस को आशंका है कि गैंग के सदस्यों और उनके स्थानीय सहयोगियों का एक नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था. इसी कड़ी में झारखंड पुलिस अंबिकापुर पहुंचकर स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने फरारी के दौरान गैंगस्टरों की किसी भी प्रकार से मदद की हो.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है. इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा. यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को अंतरराज्यीय अपराध से जोड़कर देख रही है और झारखंड तथा छत्तीसगढ़ पुलिस संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है.




