अंबिकापुर. अंबिकापुर पुलिस ने अपने ही एक आरक्षक (वाहन चालक) और उसकी पत्नी के खिलाफ 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. आरोपियों ने एक महिला को जमीन खरीदने और पीडब्ल्यूडी रायपुर के 75 लाख रुपये के लंबित भुगतान का झांसा देकर रकम हड़प ली.
पुलिस के अनुसार, पटपरिया (गांधीनगर) निवासी अनुपमा सिंह (45) ने थाना अंबिकापुर देहात में लिखित शिकायत दर्ज कराई. अनुपमा सिंह ‘अनुपमा मेक ओवर’ नामक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं.
शिकायत में अनुपमा सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में अंबिकापुर सीएसपी कार्यालय में वाहन चालक के रूप में तैनात आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और उनकी पत्नी अलका प्रताप सिंह ने घरेलू संबंधों का फायदा उठाते हुए उनसे संपर्क किया. आरोपियों ने बताया कि उन्हें तत्काल जमीन खरीदने के लिए पैसे की जरूरत है और पीडब्ल्यूडी मुख्यालय रायपुर में उनका 75 लाख रुपये का भुगतान लंबित है, जो जल्द ही मिलने वाला है.
इस भरोसे पर अनुपमा सिंह ने 11 जुलाई से 30 जुलाई 2023 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 30 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए.
शिकायत के अनुसार, जब अनुपमा सिंह ने बार-बार पैसे लौटाने की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगे. मार्च 2025 तक उन्होंने केवल 10 लाख रुपये ही वापस किए. शेष 20 लाख रुपये के लिए उन्होंने 10-10 लाख रुपये के दो चेक दिए, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए.
धमकी और मुकरने का आरोप
कानूनी नोटिस भेजने के बाद आरोपी अपनी बात से मुकर गए और पुलिस विभाग में अपनी पहुंच का हवाला देते हुए पीड़िता को एससी-एसटी एक्ट समेत झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने लगे. अनुपमा सिंह ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि इस दंपति ने शहर के अन्य लोगों से भी इसी तरीके से लाखों रुपये की ठगी की है.
डीजीपी के आदेश पर दर्ज हुआ केस
पीड़िता की शिकायत पर डीजीपी के आदेश के बाद थाना अंबिकापुर देहात (गांधीनगर) में प्रवीण प्रताप सिंह और अलका प्रताप सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 34 (साझा मंशा) के तहत अपराध दर्ज किया गया है. मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक बीरेंद्र कुजुर को सौंपी गई है.
पुलिस अब दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. इस घटना ने स्थानीय स्तर पर पुलिस विभाग की छवि को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.




