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October 2, 2026 4:10 am

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तत्कालीन सचिव अनिल यादव, चन्द्रपाल सिंह समेत संबंधित सरपंचों से मांगा गया था हिसाब-किताब, 15 जुलाई के आदेश के बाद भी अक्टूबर में मामला चर्चा में

अंबिकापुर/मैनपाट. ग्राम पंचायत नर्मदापुर में विभिन्न निर्माण कार्यों और योजनाओं में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर हुई जांच के बाद मामला अब भी गंभीर बना हुआ है. जनपद पंचायत मैनपाट की ओर से जारी जांच संबंधी पत्रों में संबंधित तत्कालीन सचिवों और सरपंचों से निर्माण कार्यों के व्यय प्रमाणक, मूल्यांकन एवं सत्यापन से संबंधित नस्ती फाइल प्रस्तुत कर अपना अभिमत देने को कहा गया था.

जांच पत्र 15 जुलाई 2026 को जारी किए गए थे और संबंधितों को तीन दिवस के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे. अब 1 अक्टूबर 2026 गुजर चुका है, यानी निर्धारित तीन दिन की समयसीमा को ढाई महीने से अधिक समय बीत चुका है.

अनिल यादव, चन्द्रपाल सिंह समेत कई नाम जांच के घेरे में…

दस्तावेजों में तत्कालीन सचिव अनिल यादव और चन्द्रपाल सिंह सहित संबंधित सरपंचों के नाम दर्ज हैं. जांच में संबंधित वित्तीय वर्षों के निर्माण कार्यों से जुड़े अभिलेख और नस्ती फाइल उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया है.

जांच पत्रों में गणेश नागा, ललिता भैंसा और राजनाथ भैंसा के नाम भी संबंधित पदाधिकारियों के रूप में दर्ज हैं. हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इन व्यक्तियों पर अंतिम रूप से वित्तीय अनियमितता सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है.

लाखों रुपये की राशि वसूली योग्य बताई गई…

जांच दस्तावेजों में अलग-अलग वित्तीय वर्षों और निर्माण कार्यों से संबंधित बड़ी रकम को वसूली योग्य बताया गया है. इनमें ₹5.11 लाख, ₹8.13 लाख, ₹7.88 लाख तथा ₹66.67 लाख से अधिक की राशियों का उल्लेख है. जांच में मुख्य आपत्ति संबंधित निर्माण कार्यों के व्यय प्रमाणक, मूल्यांकन और सत्यापन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने को लेकर सामने आती है.

तीन दिन की समयसीमा खत्म, अब आगे क्या..?

15 जुलाई को जारी पत्र में तीन दिन के भीतर जवाब और संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन अब 1 अक्टूबर गुज़र चुका है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधितों ने अपना जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत किए, और यदि किए तो जांच में उनका क्या निष्कर्ष निकला..?

अब निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर…

नर्मदापुर पंचायत से जुड़े इस मामले में जांच के बाद सामने आई वसूली योग्य राशि और दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है. तीन दिन में जवाब देने की समयसीमा समाप्त हुए लंबा समय बीत चुका है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधितों के जवाब पर विभाग क्या निर्णय लेता है और वसूली योग्य बताई गई राशि को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है.

ATD News
Author: ATD News

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