Explore

Search

September 25, 2026 3:24 am

लेटेस्ट न्यूज़

घर-घर से कचरा उठाने के सरकारी दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रही

पत्रकार देशबन्धु नेताम,देवभोग

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाने और घर-घर से कचरा उठाने के सरकारी दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। मामला देवभोग जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम डुमरबाहाल का है, जहां शासन-प्रशासन और स्थानीय जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी के कारण गांव में चारों तरफ गंदगी और कचरे का अंबार लग गया है।

ग्रामीणों की सुविधा और गांव की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने कचरा गाड़ियां शासन द्वारा पंचायत का आवंटन किया गयाअब देख-रेख के अभाव में खुद कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। गांव के एक कोने में खड़ी ये गाड़ियां अब चलने लायक नहीं बची हैं, जिससे गांव में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह से ठप हो गया है।

सड़कों पर फैला कचरा, महामारी का डर

कचरा गाड़ी के बंद होने और नियमित सफाई न होने से डुमरबाहाल की गलियों, मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा बिखरा पड़ा है। नालियां जाम हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बारिश के इस मौसम में सड़ते कचरे की वजह से पूरे गांव में तेज बदबू फैल रही है, जिससे ग्रामीणों का सांस लेना भी दूभर हो गया है।

स्थानिक लोगों का कहना है कि कचरे के ढेर पर मच्छरों और जहरीले जीवों का जमावड़ा लगा रहता है। गांव में डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठा है।

जिम्मेदारों की खामोशी से ग्रामीणों में आक्रोश

गांव वालों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और जनपद स्तरीय अधिकारियों को कचरा गाड़ियों की दुर्दशा और गांव में फैली गंदगी की जानकारी दी है। इसके बावजूद आज तक समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। रखरखाव के नाम पर आने वाले फंड का क्या हुआ, इसका भी कोई हिसाब नहीं है। जिम्मेदार केवल एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद नींद में सोया प्रशासन हरकत में आता है या ग्रामीणों को यूं ही नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

ATD News
Author: ATD News

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर