देशबन्धु नेताम देवभोग
खोकसरा: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावों की पोल एक बार फिर खुलती नजर आ रही है। शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय खोकसरा में पदस्थ फार्मासिस्ट जयंत कुमार दिवान मात्र दो दिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद पुनः कार्यस्थल से नदारद हो गए हैं। कर्मचारी की इस मनमानी और लगातार अनुपस्थिति ने न केवल औषधालय की स्वास्थ्य व्यवस्था को चरमरा दिया है, बल्कि आयुष विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खोकसरा स्थित आयुर्वेदिक औषधालय में फार्मासिस्ट जयंत कुमार दिवान की कार्यस्थल से लंबे समय से अनुपस्थिति की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद उन्होंने हाल ही में औषधालय आकर 5 दिन तक ड्यूटी की। लेकिन इसके तुरंत बाद वे बिना किसी पूर्व सूचना अथवा अधिकृत स्वीकृत छुट्टी के दोबारा गायब हो गए। औषधालय के पट खुलने के बाद भी फार्मासिस्ट के न पहुंचने से वहां आने वाले मरीज दिनभर उनका इंतजार करते रहते हैं।
मरीजों को नहीं मिल पा रहीं दवाएं
आयुर्वेदिक औषधालय में रोजाना आसपास के कई गांवों से वृद्ध, महिलाएं और बच्चे अपना इलाज कराने व दवाइयां लेने पहुंचते हैं। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति के कारण औषधालय में मिलने वाली आवश्यक औषधियों का वितरण पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दूर-दराज से पैदल या किराया देकर पहुंचने वाले मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से औषधालय तो खोल दिए गए हैं, लेकिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय न होने से यह सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
फार्मासिस्ट की इस बार-बार की अनुपस्थिति और मनमानी ने विभागीय अधिकारियों की निगरानी प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को फार्मासिस्ट की लगातार अनुपस्थिति की जानकारी नहीं है?
यदि जानकारी है, तो 5 दिन ड्यूटी पर आकर फिर गायब होने वाले कर्मचारी पर अब तक कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
क्या आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण ही कर्मचारी की इस लापरवाही की वजह बन रहा है?
खोकसरा के ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील सेवा के प्रति इस तरह की बेरुखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने आयुष विभाग के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह फार्मासिस्ट जयंत कुमार दिवान के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और औषधालय में नियमित रूप से फार्मासिस्ट की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।



