अंबिकापुर। वर्ष 2010-11 में स्कूलों के लिए फर्नीचर खरीदी से जुड़े करीब ₹2.70 करोड़ के पुराने मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय और मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन एवं आकृति प्रिंटिंग प्रेस के संचालक संजय पटेल को गिरफ्तार किया है। जांच में वास्तविक फर्नीचर आपूर्ति किए बिना बिल प्रस्तुत कर शासकीय राशि का भुगतान प्राप्त करने और शासन को ₹67,15,814 की आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं।
मामला वर्ष 2010-11 का है, जब तत्कालीन अविभाजित सरगुजा जिले के सूरजपुर एवं बलरामपुर-रामानुजगंज क्षेत्र की पूर्व माध्यमिक शालाओं में फर्नीचर खरीदी के लिए राजीव गांधी शिक्षा मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, अंबिकापुर को करीब ₹2.70 करोड़ का आवंटन मिला था। पंजीकृत फर्मों को तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक के अनुमोदन के बाद CSIDC की निर्धारित दरों पर फर्नीचर क्रय एवं आपूर्ति के आदेश जारी किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2017 में अपराध क्रमांक 28/2017 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई थी। विस्तृत जांच के दौरान संजय पटेल द्वारा संचालित मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन तथा आकृति प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका सामने आई। आरोप है कि मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन द्वारा वास्तविक रूप से फर्नीचर की आपूर्ति नहीं की गई, इसके बावजूद आपूर्ति दर्शाते हुए बिल तैयार कर प्रस्तुत किए गए और उनके आधार पर शासकीय राशि का भुगतान प्राप्त किया गया।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि प्राप्त भुगतान में से संजय पटेल द्वारा अपना कमीशन रखने के बाद शेष राशि तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय को दी गई। पुलिस ने दोनों के बीच आपसी षड्यंत्र और मिलीभगत से बिना वास्तविक आपूर्ति के बिलिंग एवं भुगतान कर शासकीय राशि के दुरुपयोग के पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात कही है।
विवेचना के दौरान अन्य फर्नीचर आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। पुलिस के मुताबिक, अन्य आपूर्तिकर्ताओं द्वारा भी फर्नीचर आपूर्ति में अनियमितता किए जाने तथा तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक द्वारा उनसे कथित रूप से कमीशन लिए जाने के तथ्य सामने आए हैं। इन आपूर्तिकर्ताओं की वास्तविक आपूर्ति, भुगतान और कथित कमीशन से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है।
प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी), 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420 एवं 409 के तहत अपराध से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने की बात पुलिस ने कही है।
19 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की अग्रिम विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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