बिलासपुर–बिलासपुर के बहुचर्चित 17.24 करोड़ रुपये के कथित सर्पदंश मुआवजा घोटाले में सरकंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए,एसडीएम कार्यालय के दो बाबू नरेंद्र कौशिक और गरीब राम बिंझवार तथा तहसील कार्यालय के क्लर्क हरिशंकर राठौर को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि तीनों ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सरकारी दस्तावेजों के आधार पर सर्पदंश से मौत दर्शाकर लाखों रुपये का मुआवजा स्वीकृत कराया। न्यायालय में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आत्महत्या के एक मामले को सर्पदंश से मौत बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और सरकारी सहायता राशि हासिल की गई।
अब तक इस मामले में डॉक्टर, वकील, बैंककर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारियों समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अधिवक्ता श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार है। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अन्य गिरफ्तारियों की भी संभावना जताई जा रही है।




