अंबिकापुर. पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देश एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर में नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के लिए दो दिवसीय फॉरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रैक्टिकल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) अंबिकापुर के संयुक्त संचालक आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर द्वारा संचालित की गई। पहले बैच में 3 जुलाई 2026 को सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया जिले के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि दूसरे बैच में आज 7 जुलाई 2026 को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में घटना स्थल निरीक्षण, साक्ष्य संग्रहण, शव परीक्षण, डीएनए, फिंगरप्रिंट, साइबर फॉरेंसिक आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। नए आपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की अनिवार्यता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान आरएफएसएल प्रयोगशाला का भ्रमण कर व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।




