संवाददाता – देशबन्धु नेताम /देवभोग गरियाबंद
खोकसरा से निष्टिगुडा मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पहली ही बारिश के बाद पूरी सड़क कीचड़ से लथपथ हो चुकी है, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन करने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा बुरा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है, जिनकी पढ़ाई इस कीचड़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
मुख्य समस्याएं और जमीनी हकीकत:
कीचड़ का साम्राज्य: सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी और मिट्टी मिलकर दलदल का रूप ले चुके हैं। राहगीरों का पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों का गुजरना भी जान जोखिम में डालने जैसा है।
स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान: क्षेत्र के बच्चे इसी मार्ग से होकर स्कूल जाते हैं। कीचड़ के कारण अक्सर बच्चों के कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं, जिसकी वजह से कई छात्र स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति के चलते बच्चों की शिक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
हादसों का डर: दुपहिया वाहन चालक आए दिन इस कीचड़ में फिसलकर गिर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों की मांग: कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और खोकसरा से निष्टिगुडा मार्ग पर तत्काल मुरमीकरण या सड़क की मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों और आम जनता को इस मुश्किल स्थिति से राहत मिल सके।




