अंबिकापुर. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सेदम से मुरताडांड तक निर्मित मुख्य मार्ग वर्तमान में अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। इस सड़क की स्थिति आज इतनी बदतर हो चुकी है कि यहाँ राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। गौरतलब है कि विगत वर्ष ही इस मार्ग पर पेंच रिपेयरिंग (पैच वर्क) का कार्य कराया गया था, लेकिन पहली बरसात आने से पहले ही विभाग के दावों और कार्य की गुणवत्ता की पोल खुलकर सामने आ गई है।
भारी वाहनों और ओवरलोडिंग की मार…
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क को जर्जर बनाने में मुख्य भूमिका क्षेत्र में लगातार चलने वाले भारी वाहनों और ओवरलोड हाइवा की है। क्षमता से अधिक वजन (ओवरलोड) लेकर गुजरने वाले इन वाहनों के कारण पेंच रिपेयरिंग कुछ ही महीनों में उखड़ गई और सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई।
नाली का अभाव और पहाड़ी चढ़ाई बढ़ा रही खतरा…
यह पूरी सड़क एक दुर्गम पहाड़ी इलाके से होकर गुजरती है, जिसके कारण यहाँ का आवागमन पहले से ही चढ़ाई और फिसलन युक्त है। पहाड़ी रास्ते से बहने वाले बरसाती पानी की निकासी के लिए सड़क के किनारे न तो समुचित नाली का निर्माण किया गया है और न ही आवश्यक जगहों पर पाइप पुलिया बनाई गई है। पानी का निकास न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा होता है, जिससे डामर पूरी तरह उखड़ रहा है।





