बलरामपुर. रेत माफिया के सरगना सहित 8 आरोपी गिरफ्तार बाकी ताकि तलाश जारी. दरअसल सरगुजा संभाग अंतर्गत बलरामपुर जिले के कनहर नदी के लीब्रा घाट में बीते 12 मई को रेत माफियाओं ने कार्रवाई करने गए पुलिस कर्मी को ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था. रेत माफिया वेखौफ होकर रेत की तस्करी अन्य राज्यों में करते है,रेत तस्करी की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली मौके पर पहुंचे टीम पर माफिया टूट पड़े इस बीच एक आरक्षक शिवबचन सिंह की जान चली गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड नसीउल हक सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वही बाकी आरोपियों की तलाश जारी रखा है.
वही बलरामपुर एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि सरगुजा रेंज के आईजी के निर्देशन में सात विशेष टीमों का गठन किया गया था. इन टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आठ आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया है. सभी आरोपी झारखंड राज्य के निवासी हैं और उनमें पिता-पुत्रों के साथ-साथ अन्य परिजन शामिल हैं. पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी नसीउल हक के कुल नौ बेटे हैं, जो लंबे समय से अवैध रेत खनन और परिवहन के कार्य में लगे हुए हैं, नसीउल ने अपने बेटों और अन्य रिश्तेदारों को पहले से निर्देश दिया था कि यदि छत्तीसगढ़ की तरफ से कोई टीम कार्रवाई करने आए, तो उन पर हमला कर देना, इसी योजना के तहत पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया गया था.
रेत माफियाओं पर किसका हाथ…?
बरहाल इन रेत माफियाओं पर आखिर किसका हाथ है,यह कह पाना मुश्किल होगा,क्योंकि तभी तो इनके हौसले इतने बुलंद की पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया. इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है की,रेत की तस्करी में बड़े बड़े लोगो के नाम हो सकते है,अगर बारीकी से जांच की जाए तो सबकी पोल खुल सकती है.



