अंबिकापुर – छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर सियासत के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. सिंहदेव ने कहा कि प्रलोभन, दबाव या जबरन धर्मांतरण कराने पर देश के कानून में पहले से ही रोक है और ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए कड़े प्रावधान मौजूद हैं.
सिंहदेव ने कहा कि नए कानून में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं. यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे 60 दिन पहले कलेक्ट्रेट में इसकी सूचना देनी होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए किसी तरह की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान हर नागरिक को अपनी इच्छा और आस्था के अनुसार धर्म चुनने की स्वतंत्रता देता है. ऐसे में यदि धर्मांतरण में किसी तरह का दबाव, लालच या प्रलोभन शामिल है, तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्र इच्छा से धर्म परिवर्तन करता है, तो उसके इस अधिकार पर कानून की ओर से कोई रोक नहीं है.
टीएस सिंहदेव के इस बयान के बाद धर्मांतरण के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की सियासत में बहस और तेज होने के आसार हैं.
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