रिपोर्टर,,, कृष्ण नाथ टोप्पो,,,, बलरामपुर
बलरामपुर – जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रामानुजगंज में फर्नीचर खरीदी में कथित अनियमितता की शिकायत के संबंध में जांच के लिए अपर कलेक्टर बलरामपुर प्रमोद गुप्ता बिना पूर्व सूचना के कार्यालय पहुंचे। हालांकि, जिला शिक्षा कार्यालय के भंडार प्रभारी के अवकाश पर होने के कारण जांच की कार्रवाई प्रारंभ नहीं हो सकी। शिकायतों की जांच प्रशासनिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। जांच अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों एवं अभिलेखों के परीक्षण के लिए कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन संबंधित भंडार प्रभारी की अनुपस्थिति के कारण आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं हो सके। इसके चलते जांच की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित प्रभारी की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद पुनः जांच की जाएगी तथा दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित विभिन्न खबरों के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने कहा कि शिकायत की जांच होना एक स्वाभाविक एवं नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को संबंधित कार्यालय को पूर्व में पत्राचार कर जांच की तिथि की सूचना देनी चाहिए, ताकि भंडार प्रभारी की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके और शिकायत से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख एवं सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जा सके। इससे जांच प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकेगी।
पाठ्यक्रम के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी विशेष जोर
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव लगातार जिले भर के विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वे केवल पाठ्यक्रम की प्रगति की समीक्षा ही नहीं कर रहे, बल्कि छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि विद्यालयी शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से वे निरीक्षण के दौरान नियमित रूप से विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासित अध्ययन करने तथा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।




