बिलासपुर – पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जिले के सभी प्रकार के मार्गो में किसी भी प्रकार के इंजीनियरिंग एवं तकनीकी त्रुटि तकनीकी त्रुटि न हो इस हेतु सभी प्रकार के सुधारात्मक एवं समाधान कारक प्रयास हेतु संबंधित विभाग के साथ नियमित परिचर्चा व सुझावों का आदान प्रदान सुनिश्चित की जाती है।
इसी क्रम में यातायात पुलिस बिलासपुर के द्वारा वर्तमान में बरसाती सीजन को ध्यान में रखते हुए वाहन चालकों एवं आम नागरिकों के लिए विशेष निर्देश व सुझाव के बिंदु बताई गई है। ताकि सड़कों पर चलते हुए वाहन चालकों एवं यात्रियों को किसी भी प्रकार की सुरक्षा से संबंधित असावधानियों के कारण सड़क दुर्घटना जैसे किसी भी अप्रिय स्थिति की संभावनाओं को कम किया जा सके।
विदित हो कि बरसात के मौसम में सड़कों पर फिसलन, जलभराव और दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। बारिश के दौरान सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कुछ बातों पर सभी वाहन चालकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है जिनमें प्रमुख है…
वाहन की तैयारी
सफर शुरू करने से पहले अपने वाहन की बुनियादी जाँच ज़रूर करें:
टायर की स्थिति: टायरों का ट्रेड अच्छी गहराई में होना चाहिए। घिसे हुए टायरों से वाहन फिसलने का खतरा रहता है। टायर प्रेशर भी सही रखें।
वाइपर और वॉशर फ्लूइड: वाइपर ब्लेड खराब हों तो तुरंत बदलें। वॉशर फ्लूइड की टंकी भरकर रखें ताकि शीशा धुंधला होने पर साफ किया जा सके।
ब्रेक्स: बारिश में ब्रेक पैड्स गीले होने पर कम प्रभावी होते हैं। सुनिश्चित करें कि ब्रेक सही से काम कर रहे हैं।
लाइट्स और इंडिकेटर्स: हेडलाइट्स, टेललाइट्स, फॉग लाइट्स और इंडिकेटर्स चालू स्थिति में होने चाहिए।
सुरक्षित ड्राइविंग टिप्स:-
गति सीमा में रहें: गीली सड़कों पर वाहन की गति सामान्य से 20-30% कम रखें।
सुरक्षित दूरी बनाएं: आगे चल रहे वाहन से सामान्य से दोगुनी दूरी बनाए रखें ताकि अचानक ब्रेक लगाने पर टक्कर न हो।
कम दृश्यता में लो-बीम चालू रखें: भारी बारिश या धुंध में हाई-बीम का प्रयोग न करें, इससे रोशनी पानी की बूंदों से टकराकर आपकी आँखों में वापस आती है।
अचानक ब्रेक या स्टेयरिंग न मोड़ें: गीली सड़क पर अचानक ब्रेक लगाने या तेज़ी से स्टेयरिंग मोड़ने से वाहन से नियंत्रण खो सकता है।
हैज़र्ड लाइट्स का गलत प्रयोग न करें: चलती गाड़ी में हैज़र्ड लाइट्स न जलाएं। इनका उपयोग केवल तब करें जब आपकी गाड़ी खराब हो या आप सड़क किनारे रुक गए हों।
जलभराव और गड्ढों से बचाव:-
जलभराव वाली जगह से बचें: अगर पानी का स्तर पहियों के आधे से ज़्यादा हो, तो वाहन उसमें न डालें। इंजन में पानी जाने से सिलेंडेर लॉक हो सकता है।
धीमी और लगातार गति: यदि जलभराव से गुजरना ज़रूरी हो, तो पहले गियर में रखकर एक्सीलेटर लगातार दबाकर रखें ताकि साइलेंसर से पानी अंदर न जाए।
छिपे हुए गड्ढों से सतर्क रहें: पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाज़ा नहीं होता, इसलिए रफ्तार धीमी रखें।
पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों के लिए निर्देश:-
दोपहिया चालक
आईएसआई (ISI) मार्का हेलमेट पहनें और वाईज़र साफ रखें।
वाटरप्रूफ और चमकीले रंग का रेनकोट पहनें ताकि दूर से आसानी से नज़र आ सकें।
गीले मोड़ों पर गति बहुत धीमी रखें और अचानक फ्रंट ब्रेक न लगाएं।
सड़क की सफेद/पीली पट्टियों और मैनहोल के ढक्कनों पर चलने से बचें—ये पानी में बहुत फिसलते हैं।
पैदल यात्री
हमेशा फुटपाथ का उपयोग करें।सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का ही इस्तेमाल करें।जलभराव वाले रास्तों पर बहते पानी से दूर रहें, पास में खुला मैनहोल या गटर हो सकता है।बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और लटकते हुए तारों से सुरक्षित दूरी बनाएं।
आपातकालीन सलाह: यदि गाड़ी पानी में बंद हो जाए, तो दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश न करें। तुरंत गाड़ी से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थान पर जाएं या सहायता बुलाएं।
उक्त सभी निर्देशों का पालन करते हुए समस्त वाहन चालक एवं यात्रीगण अपने गंतव्य तक सरल, सुगम, सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करें किसी भी प्रकार की मार्ग में बारिश के कारण व्यवधान की स्थिति में तत्काल ही नजदीकी थाना, पुलिस कंट्रोल तथा यातायात के अधिकारियों कर्मचारियों को अवगत करावें।




