अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने एथेनॉल मिश्रित डीजल और पेट्रोल को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को जबरन एथेनॉल वाला ईंधन खरीदने के लिए मजबूर कर रही है, जिससे वाहनों का माइलेज घट रहा है और इंजनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
सिंहदेव ने कहा, “सरकार ने लोगों को एथेनॉल वाले डीजल-पेट्रोल खरीदने के लिए विवश कर दिया है. गाड़ियों का माइलेज लगातार कम हो रहा है और इंजन खराब होने की शिकायतें बढ़ रही हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि एथेनॉल फ्री डीजल और पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराने से सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं.
माइलेज कम तो कीमत भी कम होनी चाहिए
टीएस सिंहदेव ने मांग की कि अगर एथेनॉल मिश्रण के कारण वाहनों का माइलेज घट रहा है तो डीजल और पेट्रोल की कीमत भी उसी अनुपात में कम की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, “एथेनॉल वाले ईंधन से माइलेज कम हो रहा है तो इसका रेट भी कम होना चाहिए. सरकार को जनता के हित में यह कदम उठाना चाहिए.”
इंजन तैयार करने की जरूरत पर जोर
सिंहदेव ने ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि एथेनॉल वाले ईंधन को बेचने से पहले इससे चलने वाले उपयुक्त इंजन तैयार करने चाहिए. उन्होंने कहा, “जैसा कि ब्राजील, अमेरिका सहित दूसरे देशों ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए खास इंजन तैयार किए हैं, वैसे ही भारत में भी इंजन तैयार किए जाने चाहिए. बिना तैयारी के इसे थोपना जनता के साथ अन्याय है.”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि ईंधन की गुणवत्ता और उपलब्धता पर गंभीरता से विचार किया जाए ताकि आम उपभोक्ता और वाहन मालिकों को परेशानी न हो.
यह बयान स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. वाहन चालक लंबे समय से एथेनॉल ब्लेंडेड ईंधन के कारण हो रही परेशानियों को लेकर शिकायतें कर रहे हैं.
सिंहदेव ने आगे यह भी कहा कि एथेनॉल फ्री विकल्प उपलब्ध न कराने से सरकार की मंशा संदिग्ध लग रही है. उन्होंने मांग की कि तत्काल प्रभाव से एथेनॉल-फ्री डीजल और पेट्रोल की व्यवस्था की जाए.
अंबिकापुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में यह मुद्दा गरमा रहा है। वाहन मालिक संगठन भी इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं.




