अंबिकापुर. अत्यधिक ब्याज दर पर रकम देने और ब्याज व मूलधन वापस नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर प्रताड़ित करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया है.
पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली अंबिकापुर में दर्ज मर्ग क्रमांक 44/2026 की जांच के दौरान मृतक संदीप अग्रवाल का सुसाइड नोट, परिजनों और गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल की तकनीकी जानकारी और बैंक खाते के लेनदेन की जांच की गई. जांच में मृतक और आरोपी पंकज चौधरी के बीच कई बार फोन पर बातचीत और पैसों का लेनदेन सामने आया.
जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी पंकज चौधरी द्वारा मृतक को अत्यधिक ब्याज दर पर रकम दी गई थी. ब्याज और मूलधन वापस नहीं मिलने पर आरोपी द्वारा मृतक को कथित रूप से जान से मारने की धमकी देकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. मृतक ने अपने सुसाइड नोट में भी इस संबंध में उल्लेख किया था. इसके अलावा, मृतक ने जीवित रहते हुए अपने पिता और पत्नी को भी आरोपी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की जानकारी दी थी.
पुलिस जांच में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण और धमकी दिए जाने के साक्ष्य मिलने के बाद थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 487/2026 के तहत धारा 108, 351(3) बीएनएस एवं धारा 4 कर्जा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज चौधरी (50 वर्ष), पिता सकलदीप चौधरी, निवासी राजेंद्र वार्ड, दर्रीपारा, थाना मणिपुर, अंबिकापुर को हिरासत में लिया.
पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा घटना के संबंध में गोलमोल जवाब दिए गए. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मेमोरेंडम कथन देने से इनकार किया, हालांकि घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन पेश किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया. मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.
इस कार्रवाई में थाना कोतवाली से उप निरीक्षक के.के. यादव, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, आरक्षक मंटूलाल गुप्ता और शिव राजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही.




