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July 17, 2026 3:24 am

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खोकसरा में मनाया गया धुम धाम से रथ यात्रा भगवान गुडिंचा मन्दिर में हुई प्रस्थान

देशबन्धु नेताम,

गरियाबंद. देवभोग क्षेत्र के खोकसरा में आयोजित होने वाली भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा स्थानीय श्रद्धा और आस्था का एक बेहद अनूठा केंद्र है। इस क्षेत्र में रथयात्रा उत्सव को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहता है।

मुख्य आकर्षण और धार्मिक अनुष्ठान महाप्रभु का नगर भ्रमण: महाप्रभु जगन्नाथ, विशेष रूप से सजाए गए रथ पर सवार होकर अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं। खोकसरा और आसपास के अंचल से हजारों श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचने और उनके दर्शन के लिए उमड़ते हैं। इन्हें खोकसरा के दास परिवार द्वारा पुजा आहुती वर्षो से करते आ रहे हैं एवं एकता का प्रतीक दिखाते हुए खोकसरा के समस्त नागरिक द्वारा धुम धाम से मनाया जाता है एवं परंपरागत रस्में: रथयात्रा से पहले भगवान का विशेष स्नान पूर्णिमा अणसर काल जब भगवान बीमार होते हैं और फिर ‘नवयौवन दर्शन’ की रस्में पूरी शुद्धता के साथ निभाई जाती हैं। यात्रा के दिन ‘छेरा पहरा’ (रथ की सोने की झाड़ू से सफाई) की रस्म भी आकर्षण का केंद्र होती है। भक्तिमय माहौल: पूरा खोकसरा क्षेत्र शंखध्वनि, घंटे-घड़ियाल बाजे गाजे और “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गूंज उठता है। रथयात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालु भगवान की आरती उतारते हैं और छप्पन भोग व प्रसाद अर्पित करते हैं।

सांस्कृतिक महत्व और मेला देवभोग ब्लॉक के खोकसरा में इस अवसर पर केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि एक भव्य पारंपरिक मेले का आयोजन भी होता है। आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में यहां आकर गृहस्थी के सामान, पारंपरिक मिठाइयां विशेषकर खाजा और पेड़ा और बच्चों के खिलौनों एवं अनेक प्रकार के सामग्री की खरीदारी करते हैं। यह उत्सव क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जाता है।

 

ATD News
Author: ATD News

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