Explore

Search

October 24, 2026 1:06 am

लेटेस्ट न्यूज़

जनपद में सूचना के अधिकार की उपयोगिता पर सवाल, तीन महीने बाद भी जानकारी नहीं मिलने का आरोप

लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर जनपद पंचायत में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत समय पर जानकारी नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला महासचिव नूर हसन अली ने जनपद पंचायत में सूचना के अधिकार की उपयोगिता और इसके दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत से संबंधित वित्तीय जानकारी मांगने के बावजूद तीन महीने बीत जाने पर भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) खुशबू शास्त्री यादव से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। सीईओ ने मामले में संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द जवाब उपलब्ध कराने की बात कही है।

केवरा पंचायत से जुड़ा है मामला

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला ग्राम पंचायत केवरा से जुड़ा हुआ है। यहां आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने पंचायत के विभिन्न मदों में कराए गए कार्यों और उनसे संबंधित वित्तीय जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन दिया था। आरोप है कि आवेदन दिए जाने के लगभग तीन महीने बाद भी संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

जानकारी नहीं मिलने पर आवेदक ने नियमानुसार प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष भी आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। इसी समस्या को लेकर पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे तथा सीईओ से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।

बेलदगी के आंगनबाड़ी भवन का मुद्दा भी उठाया

जनपद सीईओ से मुलाकात के दौरान केवल सूचना के अधिकार से जुड़ा मामला ही नहीं, बल्कि ग्राम बेलदगी के आंगनबाड़ी भवन सहित क्षेत्र की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई। पार्टी के प्रतिनिधियों ने इन मुद्दों को सामने रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

सीईओ खुशबू शास्त्री यादव ने उठाई गई समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए संबंधित मामले में जल्द जवाब उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

सूचना के अधिकार के पालन पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला महासचिव नूर हसन अली और अन्य कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत में सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का अपेक्षित पालन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जानकारी मांगने के बाद भी आवेदकों को समय पर जवाब नहीं मिलता, तो इस कानून का उद्देश्य प्रभावित होता है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि सूचना का अधिकार आम नागरिकों को सरकारी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई और जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि इस तरह की समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो पार्टी इसके सुधार के लिए आगे उचित कदम उठाएगी।

समय पर जवाब नहीं मिला तो पारदर्शिता पर सवाल उठना लाजिमी

सूचना का अधिकार अधिनियम का मूल उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि किसी पंचायत के कार्यों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी मांगने वाले आवेदन लंबित रहते हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

हालांकि, इस मामले में संबंधित जनपद अधिकारियों का विस्तृत पक्ष और आवेदन की वर्तमान स्थिति सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि जनपद पंचायत प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और आवेदक को मांगी गई जानकारी कब तक उपलब्ध कराई जाती है।

ATD News
Author: ATD News

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर