सरगुजा. सरगुजा जिले के लखनपुर में दशहरा पर्व इस वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा. अंबिकापुर में दशहरा मनाए जाने के एक दिन बाद लखनपुर में होने वाला यह आयोजन अपनी अनोखी ऐतिहासिक परंपरा के लिए जाना जाता है. इस वर्ष उत्सव का मुख्य आकर्षण लगभग 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा. आयोजन को लेकर स्थानीय मिनी साक्षरता स्टेडियम में तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं.
60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण जारी…
पुलिस थाना के सामने स्थित मिनी साक्षरता स्टेडियम में स्थानीय कलाकार रावण का विशाल पुतला तैयार करने में जुटे हैं. दशहरा आयोजन समिति के सदस्य नरेंद्र पांडे और सुरेश साहू के अनुसार, इस वर्ष कार्यक्रम को विशेष और आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है. भगवान श्रीराम की स्तुति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी.
रावण दहन देखने के लिए लखनपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है. आयोजन को लेकर नगर में उत्साह का माहौल है.
1944 से बाजारपारा में मां दुर्गा की पूजा की परंपरा…
लखनपुर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की परंपरा काफी पुरानी है. बाजारपारा में वर्ष 1944 से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जा रही है. आजादी से पहले शुरू हुई यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है.
वहीं, बस स्टैंड स्थित नवचेतना दुर्गा पूजा समिति वर्ष 1976 से लगातार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करती आ रही है. इस वर्ष भी दोनों स्थानों पर आकर्षक सजावट और रोशनी की व्यवस्था की गई है. नवचेतना दुर्गा पूजा समिति की ओर से भक्ति कार्यक्रमों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है.
आखिर अंबिकापुर से एक दिन बाद क्यों मनाया जाता है दशहरा…
लखनपुर के दशहरा उत्सव की सबसे खास बात यह है कि यहां विजयादशमी का आयोजन अंबिकापुर से एक दिन बाद किया जाता है. स्थानीय मान्यता और प्रचलित ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, राजा-महाराजाओं के समय लखनपुर के राजा दशहरा के दिन अंबिकापुर के राजघराने में सलामी देने जाया करते थे.
बताया जाता है कि इसी परंपरा के चलते लखनपुर में दशहरा एक दिन बाद मनाने की शुरुआत हुई. समय के साथ यह परंपरा स्थानीय उत्सव की पहचान बन गई और आज भी इसका पालन किया जाता है.
भक्ति, परंपरा और उत्सव का अनूठा संगम…
दशहरा और दुर्गा पूजा को लेकर लखनपुर के बाजारपारा तथा बस स्टैंड क्षेत्र में विशेष तैयारियां की जा रही हैं. आकर्षक साज-सज्जा, रोशनी, धार्मिक आयोजन और भंडारे के कारण पूरे नगर में उत्सवी माहौल बना हुआ है.
21 अक्टूबर को 60 फीट ऊंचे रावण के दहन के साथ लखनपुर में दशहरा उत्सव अपने चरम पर पहुंचेगा. ऐतिहासिक परंपरा, भगवान श्रीराम की स्तुति और विशाल रावण दहन का यह संगम लखनपुर के दशहरा पर्व को सरगुजा जिले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करता है.



