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October 15, 2026 4:03 am

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VB-G RAM G योजना के तकनीकी सहायकों का सांकेतिक आंदोलन और प्रदर्शन

देशबन्धु नेताम देवभोग

गरियाबंद/छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले समेत पूरे प्रदेश में विकसित भारत जी राम जी योजना एवं मनरेगा के तहत कार्यरत तकनीकी सहायकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल 13 से 15 अक्टूबर शुरू की है। छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

प्रमुख मांगें और आंदोलन का कारण

तकनीकी सहायकों का कहना है कि वे विगत कई वर्षों लगभग 15-20 वर्षों से ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी निष्ठा से अपनी सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद उनके नियमितीकरण, पदनाम और सेवा शर्तों को लेकर शासन द्वारा उपेक्षा की जा रही है। संघ की प्रमुख चार सूत्रीय मांगें निम्नलिखित हैं:

नियमितीकरण लंबे समय से कार्यरत समस्त तकनीकी सहायकों का तत्काल नियमितीकरण किया जाए।

स्थायीकरण नियमावली लागू हो: नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम पंचायत सचिवों की तर्ज पर सेवा शर्तों हेतु स्थायीकरण नियमावली लागू की जाए।

पदनाम परिवर्तन: योजना के तहत कार्यरत तकनीकी सहायकों का पदनाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता (VB-G RAM G / मनरेगा) किया जाए।

अतिरिक्त जिम्मेदारी व मानसिक शोषण की समाप्ति: तकनीकी सहायकों को उनके मूल तकनीकी कार्यों के अतिरिक्त अन्य गैर-तकनीकी या अन्य विभागों के लक्ष्य थोपने से रोका जाए।

गरियाबंद जिले में काम-काज पर असर

गरियाबंद जिले के गरियाबंद, फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर और देवभोग ब्लॉक में पदस्थ तकनीकी सहायकों के हड़ताल पर चले जाने से विकासखंडों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़ गए हैं।

निर्माण कार्यों का माप-तौल बाधित: गांवों में चल रहे सीसी रोड, नाली निर्माण, पंचायत भवन, और चेकडैम जैसे निर्माण कार्यों का मस्टर रोल, लेआउट और मूल्यांकन (MB) रुक गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना पर प्रभाव: आवास निर्माण की जियो टैगिंग और तकनीकी स्वीकृति का काम अटक गया है।

मजदूरों का भुगतान अटका: तकनीकी स्वीकृति और मस्टर रोल सत्यापन रुकने से ग्रामीण मजदूरों के दैनिक और साप्ताहिक भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

कर्मचारियों का दर्द और आरोप

धरना स्थल पर जुटे कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि एक तरफ उनसे अत्यधिक कार्य लिया जाता है और पीएम आवास जैसे निर्माणों की जवाबदेही भी उन पर थोप दी जाती है। दूसरी तरफ बिना पर्याप्त संसाधनों के कार्य न होने पर कार्रवाई या नोटिस की धमकी दी जाती है। इससे कर्मचारी अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

आगे की रणनीति और चेतावनी

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 13 से 15 अक्टूबर तक चलने वाला यह आंदोलन केवल एक सांकेतिक हड़ताल है। यदि शासन इस तीन दिवसीय ध्यानाकर्षण आंदोलन के बाद भी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करता है, तो संघ उग्र रूप धारण करने और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ATD News
Author: ATD News

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