सरगुजा/बलरामपुर. बलरामपुर की राशन दुकान में मिला सड़ा-गंदा चावल, ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध,जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत डुमरखोरका की शासकीय उचित मूल्य की दुकान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बांटे जाने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दुकान में रखे गए चावल मठमयले, गंदे और खाने लायक नहीं हैं. इस बात की जानकारी फैलते ही क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण राशन दुकान पहुंच गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. नाराज ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गरीबों को राहत देने के नाम पर घटिया चावल बांट रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है.
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच शुरू स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत सुनी और दुकान में भंडारित चावल का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. ग्रामीणों ने मांग की है कि घटिया चावल को तुरंत वापस लिया जाए और अच्छी गुणवत्ता का चावल उपलब्ध कराया जाए.
पूरे छत्तीसगढ़ में फैल रहा अवैध चावल कारोबार…
सूत्रों के अनुसार, सरगुजा संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से सस्ता और घटिया चावल लाकर खपाने का अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है. कुछ बिचौलिए और राइस मिलर्स पड़ोसी राज्यों (ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड) से बेहद सस्ते दामों पर सरना या अन्य मोटा चावल खरीदकर लाते हैं. फिर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मिला दिया जाता है.
इस अवैध कारोबार से बिचौलियों और मिलर्स को भारी मुनाफा होता है, जबकि गरीब उपभोक्ताओं को घटिया खाद्यान्न मिलता है. इससे न केवल PDS की साख पर असर पड़ रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
बरहाल जल्द ही इस गोरखधंधे की पोल खोली जाएगी ताकि गरीबों को उत्तम किस्म के चावल उनके हक का मिल सके.



