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August 9, 2026 10:30 am

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आकाशीय बिजली गिरने के बाद इलाज के लिए भटकते रहे मरीज, एक नर्स के भरोसे अस्पताल

लखनपुर/सरगुजा। लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। ग्राम केंवरी में आकाशीय बिजली गिरने से घायल तीन लोगों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर लाया गया, जहां परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम केंवरी में विनोद करियाम, गोरता निवासी वीरेंद्र कुमार और भरतपुर निवासी लोकनाथ एक घर में काम कर रहे थे। इसी दौरान मौसम बिगड़ने के साथ घर के अंदर आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में तीनों घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए लखनपुर अस्पताल लाया गया।

परिजनों का आरोप है कि 108 संजीवनी एंबुलेंस के लिए कई बार फोन करने के बावजूद तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद परिजन निजी वाहन से तीनों घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल पहुंचने के बाद भी उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक, जब तीनों घायल गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे, उस समय ड्यूटी डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे और एक स्टाफ नर्स ही मरीजों की देखभाल कर रही थी। करीब आधे घंटे बाद डॉक्टर के पहुंचने पर उपचार शुरू हो सका।

हालांकि उपचार के बाद तीनों घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। लेकिन इस घटना ने लखनपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

BMO ने व्यवस्था का दिया हवाला

मामले में लखनपुर BMO डॉ. ओपी प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में ओपीडी के दौरान डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं और आपातकालीन स्थिति में भी डॉक्टर रहते हैं। यदि किसी समय कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होता तो दूसरे डॉक्टर मरीज का उपचार करते हैं।

एंबुलेंस को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पताल के पास 108 की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन एंबुलेंस किसी अन्य स्थान पर गई होने के कारण संभवतः तत्काल सुविधा नहीं मिल पाई। वहीं स्टाफ नर्स की संख्या को लेकर BMO ने कहा कि रोस्टर के अनुसार प्रत्येक शिफ्ट में दो-दो स्टाफ नर्स की ड्यूटी रहती है। संभव है कि उस समय एक नर्स प्रसव संबंधी कार्य में लगी रही हो।

CMHO ने जांच के बाद कार्रवाई की कही बात

वहीं मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस मारको ने कहा कि पूरे मामले की जांच BMO से कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में डॉक्टर या स्टाफ ड्यूटी से नदारद पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस समय पर उपलब्ध न हो और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ही मौजूद न मिले, तो मरीजों की जान की जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? फिलहाल CMHO के जांच के आश्वासन के बाद अब यह देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

ATD News
Author: ATD News

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