रिपोर्टर,,,, कृष्ण नाथ टोप्पो,,,, बलरामपुर
बलरामपुर – बलरामपुर जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। आरोप है कि कुछ लोगों का एक संगठित समूह जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।ज्ञात हो कि जिला शिक्षा कार्यालय बलरामपुर- रामानुजगंज में कथित फर्नीचर खरीदी में वित्तीय अनियमितता की शिकायत के संबंध में कलेक्टर कार्यालय द्वारा जांच दल गठित किया गया है। इस बीच जांच की प्रक्रिया और कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि जांच अधिकारी की कार्यशैली निष्पक्ष जांच के स्थापित मानकों के अनुरूप नहीं दिख रही है।
जानकारी के अनुसार, कथित फर्नीचर खरीदी मामले की जांच के लिए जांच अधिकारी बिना पूर्व पत्राचार या सूचना के जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे थे। उस समय कार्यालय के भंडार प्रभारी अवकाश पर होने के कारण भंडार कक्ष नहीं खोला जा सका और न ही संबंधित अभिलेखों का परीक्षण हो सका। इसके बाद सोशल मीडिया एवं विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस मामले को लेकर कई प्रकार की खबरें और चर्चाएं सामने आईं।
इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने कहा कि किसी भी शिकायत की जांच होना एक स्वाभाविक एवं नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच अधिकारी संबंधित कार्यालय को पूर्व में पत्राचार कर जांच की तिथि की सूचना देते, तो भंडार प्रभारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकती थी तथा शिकायत से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख एवं सामग्री जांच दल के समक्ष उपलब्ध कराई जा सकती थी। उनके अनुसार, इससे जांच प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपन्न होती।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट आने के बाद ही शिकायत तथा लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




