अम्बिकापुर. सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिरगा (नवापारा) में एक युवक की संदेहास्पद मौत का मामला सुर्खियों में है. मृतक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर गांव के कुछ युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने लुण्ड्रा थाना प्रभारी पर आरोपियों के साथ मिलकर मामले को दबाने और आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है.
परिजनों ने थाना प्रभारी की तत्काल निलंबित करने और मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या सीबीआई से कराने की मांग की है.
मृतक सूरजभान (पुत्र किशुन राम) निवासी चिरगा को 11 मई 2026 की सुबह करीब 6 बजे तेजू कुमार नामक युवक ने फोन पर बुलाया. परिजनों के अनुसार तेजू ने सूरजभान को बताया कि गुडन नामक युवती और उसकी सहेली कुरोपहाड़ मंदिर में उसका इंतजार कर रही हैं. इसके बाद दोनों पैदल ही कुरोपहाड़ की ओर चले गए.
परिवार का आरोप है कि पुरानी रंजिश और अंतरजातीय प्रेम प्रसंग के चलते तेजू, गुडन तथा उनके साथियों ने मिलकर सूरजभान की हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया. जब भी परिजन सूरजभान की जानकारी लेने जाते, तेजू उन्हें गुमराह करता रहा और पुलिस में शिकायत न करने का दबाव बनाता रहा.
16 मई 2026 को सूरजभान का शव बरामद हुआ. शव पर सिर, हाथ, पैर और कमर पर गंभीर चोट के निशान थे. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं दे रही है.
मृतक की मां फुलमतिया और भाई उदयभान ने स्पष्ट रूप से कहा कि लुण्ड्रा थाना प्रभारी इस हत्या के मामले को आपराधिक साजिश के तहत आत्महत्या साबित करने की कोशिश कर रहे हैं.
इस शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, राज्यपाल, बिलासपुर उच्च न्यायालय और पुलिस महानिरीक्षक को भी भेजी गई है. मामले की जांच जारी है.





