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June 17, 2026 3:09 pm

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विधायक और तहसीलदार मारपीट मामले को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर. सीतापुर के नायब तहसीलदार के साथ स्थानीय विधायक और उनके समर्थकों के द्वारा सुनियोजित तरीके से की गई मारपीट एवं इसके उपरांत राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल से आमजन को हो रही परेशानी के संबंध में आज जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दल ने सरगुजा कलेक्टर से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम 2 सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपा है। सत्तादल और प्रशासनिक व्यवस्था के मध्य उत्पन्न गंभीर टकराव को संवैधानिक तंत्र की विफलता मानते हुए कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन की मांग की है। उल्लेखनीय है कि 27 मई को सीतापुर के राजापुर में स्थानीय विधायक और उनके समर्थकों ने एक नायब तहसीलदार पर यह आरोप लगाते हुए कि उसने विधायक की बहन का काम नहीं किया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया, सीतापुर एस डी एम की उपस्थिति में नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों के द्वारा एक दूसरे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इस घटना के उपरांत विधायक और उसके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। खरीफ सीजन के मात्र 15 दिन पहले प्रारंभ इस हड़ताल से आमजन बेहद तकलीफ में हैं। राजस्व विभाग के माध्यम से होने वाले कार्य जैसे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, जमीन की नापजोख बंद है। साथ ही साथ आय, जाती, विलंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे काम भी बुरी तरह प्रभावित हैं। विधायक द्वारा नायब तहसीलदार के साथ मारपीट का यह मामला सत्ता और शासन व्यवस्था के बीच टकराव गंभीर रूप ले चुका है जिससे प्रदेश की संविधानिक तंत्र विफल हो चुका है, इसी लिए कांग्रेस ने सीधे राज्यपाल जो कि राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं को दखल देने का आग्रह करते हुए ज्ञापन दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि अपराध दर्ज होने के उपरांत भी जिस प्रकार से विधायक और उनके समर्थकों को सत्ताधारी दल के द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है, उससे सत्ताधारी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह शह मिल रहा है कि वे अपने पारिवारिक कार्य के असंतोष में शासकीय सेवकों को सड़कों पर पीटे। ऐसे में प्रदेश की पूरी प्रशासकीय व्यवस्था ठप हो जाएगी, जिसका सबसे खराब परिणाम आम जनता को भोगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह अराजक स्थिति है और इस अराजक स्थिति को सुधारने के लिए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता है। पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा विगत एक सप्ताह से आम जनता राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रही है लेकिन राजस्व अधिकारियों और उनके कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उनके काम लटके हुए हैं। खरीफ के सीजन में वैसे भी सीमांकन, नापजोख, बंटवारा जैसे कई काम बाधित हो जाते हैं ऐसे में इन 15 दिनों में इन कार्यों को लेकर दबाव था। उन्होंने कहा की सत्ताधारी दल की हठधर्मिता के कारण आज यह टकराव की स्थिति निर्मित हो गई है। इस सरकार के रहते ऐसी स्थिति के निरंतर बने रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन का समर्थन किया है। सीतापुर विधायक पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अपने परिवार के सदस्य के लिए उन्होंने मर्यादाओं को लांघा है, वैसे ही अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए भी मर्यादित आचरण के साथ शासकीय कार्यालयों में लंबित मामलों को निपटाएं। निगम में नेता प्रतिपक्ष शफ़ी अहमद ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा स्थिति राष्ट्रपति शासन के लायक है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्तदायित्व की जिम्मेदारी सौहार्द पूर्ण ढंग से कराने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि एक विधायक का कानून को हाथ मे लेना गलत परंपरा स्थापित करता है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि सीतापुर विधायक को जनहित में स्वयं हड़ताली शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों से चर्चा कर एवं कानून सम्मत आचरण प्रस्तुत कर एक उदाहरण स्थापित करना चाहिए। इस दौरान कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में जे पी श्रीवास्तव, राकेश गुप्ता, संजय विश्वकर्मा, शैलेश सिंह, अटल यादव, डॉ लालचंद यादव, बिगन राम, नरेंद्र विश्वकर्मा, अमित तिवारी राजा, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निकी खान, दीपक मिश्रा, मिथुन सिंह, नरेश बघेल, परवेज आलम गांधी आदि बतौर सदस्य मौजूद थे।

संचार विभाग
जिला कांग्रेस कमेटी, सरगुजा

ATD News
Author: ATD News

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