हरदीबाजार। हरदीबाजार, रेंकी और सराई सिंगार के भूविस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सीएमडी सभागार में विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में भूविस्थापितों की नौकरी, मुआवजा और बसाहट सहित अन्य मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। कई मुद्दों पर सहमति बनी, जबकि कुछ मामलों में एसईसीएल प्रबंधन ने विचार कर लिखित जवाब देने के लिए मोहलत मांगी।
इससे पहले 19 सितंबर को भूविस्थापितों ने कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में दीपका महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर करीब आठ घंटे तक तालाबंदी आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान तीन दौर की वार्ता हुई। इसके बाद एसडीएम कटघोरा नितिन दुबे और दीपका जीएम ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय से चर्चा कर 21 सितंबर को सीएमडी कार्यालय में बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद शाम करीब 5 बजे आंदोलन स्थगित किया गया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को बिलासपुर स्थित सीएमडी सभागार में विधायक प्रेमचंद पटेल, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर सहित रेंकी और सराई सिंगार के भूविस्थापितों की एसईसीएल अधिकारियों के साथ बैठक हुई। एसईसीएल की ओर से डायरेक्टर डीएचआर वीरंची दास, डीटी डायरेक्टर मोहपात्रा, जीएम एलएंडआर बिपिन कुमार लाल, दीपका जीएम अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बसाहट के मुद्दे पर चर्चा करते हुए भूविस्थापितों ने सुपेतपारा बाईपास किनारे उतरदा की जमीन पर बसाहट दिए जाने के बजाय जयंती नगर को ही पूर्ण रूप से विकसित कर बसाहट देने की मांग रखी। इस मुद्दे पर फिलहाल अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
वहीं वर्ष 2004 से 2010 के दौरान हुए अधिग्रहण के बाद खरीदी-बिक्री की गई जमीन पर बने मकानों की नापी कर मकान मालिकों को सोलसियम सहित मुआवजा देने की मांग पर भी सार्थक चर्चा हुई। ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों को नया निर्माण मानकर 60 प्रतिशत कटौती के बाद 40 प्रतिशत मुआवजा निर्धारित किए जाने के मामले में भी भूविस्थापितों ने सोलसियम सहित पूर्ण मुआवजा देने की मांग रखी।
वर्ष 2004 में अधिग्रहण के समय लागू नियमों के अनुसार खातेदारों को नौकरी देने के मुद्दे पर एसईसीएल प्रबंधन ने विचार कर जानकारी देने की बात कही। इसके साथ ही शेष बची करीब 212 एकड़ भूमि के अधिग्रहण कर वहां बसाहट उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिस पर प्रबंधन ने विचार कर जवाब देने का आश्वासन दिया।
बैठक में आमगांव, दर्राखांचा, मलगांव और सुआभोंडी के भूविस्थापितों की लंबित नौकरी, मुआवजा और बसाहट के मामलों पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। इन मामलों का निराकरण 15 दिनों के भीतर करने की बात कही गई।
वहीं अन्य मांगों पर एसईसीएल प्रबंधन ने चार से पांच दिनों के भीतर सभी मुद्दों पर लिखित जानकारी देने पर सहमति जताई। हरदीबाजार में मुआवजा प्रदान करने के लिए मकान तोड़ने के मुद्दे पर भी एसईसीएल की टीम ने फिलहाल मकान नहीं तोड़ने की बात कही।
बैठक में विधायक प्रेमचंद पटेल ने भूविस्थापितों की मांगों को प्रमुखता से रखते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने की बात कही। बैठक को लेकर भूविस्थापितों में भी उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित नौकरी, मुआवजा और बसाहट से जुड़े मामलों का अब समयबद्ध तरीके से समाधान हो सकेगा।
बैठक में सरपंच लोकेश्वर कंवर, उपसरपंच रेखा जायसवाल, श्यामू जायसवाल, रघुराज सिंह उईके, नरेश टंडन, व्यास राठौर, महेंद्र राठौर, राजेश जायसवाल, शिव यादव, फिरोज खान, जगदीश अग्रवाल, अनिल टंडन, मन्नु राठौर, राजाराम राठौर, प्रदीप पांडेय, ममता ओग्रे, प्रेम डिक्सेना, शशीधर सोनी, सुरेंद्र राठौर, प्रदीप राठौर, इंद्रभूषण ओढ़े, सुधीर कंवर, चंद्रिका प्रजापति, दिलीप राठौर, कमलेश राठौर, पंकज धुर्वा, रमन कुल्हाड़े, गणेश श्रीवास सहित बड़ी संख्या में भूविस्थापित उपस्थित रहे।



