देशबन्धु नेताम(संवाददाता)
देवभोग/गरियाबंद. आजादी के दशकों बीत जाने के बाद भी वनांचल और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव किस कदर जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, इसकी एक बानगी आज देवभोग क्षेत्र के खोकसरा से निष्टिगुडा मार्ग पर देखने को मिली। वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रही इस सड़क पर आज उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूली वैन कीचड़ और गहरे गड्ढों के दलदल में बीच रास्ते में ही फंस गई। घंटों की कड़ी मशक्कत और ग्रामीणों और राहगीरो के सहयोग से वैन को बाहर निकाला जा सका, लेकिन इस दौरान न केवल स्कूली बच्चे और ग्रामीण परेशान हुए, बल्कि स्थानीय पंचायत प्रशासन की उदासीनता और कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
कीचड़ के दलदल में बदली सड़क, घंटों थमे रहे पहिये
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खोकसरा से निष्टिगुडा जाने वाला यह मुख्य मार्ग पिछले लंबे समय से बारिश के समय दुभर हो जाता है है। हाल ही में हुई मानसूनी बारिश के बाद सड़क की हालत और अधिक भयानक हो गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से पूरी सड़क तालाब और कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है।
आज करीब 2बजकर लगभग 35 मिनट में जब एक स्कूल की वैन बच्चों को लेकर खोकसरा से निष्टिगुडा की ओर जा रही थी, तभी रास्ते के सबसे प्रभावित हिस्से में वैन के पहिये गहरे कीचड़ में धंस गए। चालक ने गाड़ी को निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन वैन आगे-पीछे न होने के बजाय और अधिक गहरे दलदल में धंसती चली गई।
मासूम बच्चे रहे सहमे, राहगीरों की बढ़ी आफत
वैन के फंसते ही गाड़ी में सवार छोटे-छोटे स्कूली बच्चे घबरा गए। हलके फुल्के बारिश के बीच घंटों गाड़ी के रुकने और हिलने-डुलने से बच्चे परेशान उठे। घटना की खबर फैलते खोकसरा के ग्रामीण और सड़क से गुजर रहे अन्य राहगीर मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। किसी तरह बच्चों को सुरक्षित वैन से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर बैठाया गया। इसके बाद ग्रामीणों और राहगीरों ने मिलकर लकड़ी के गुटके, पत्थर और रस्सियों के सहारे घंटों पसीना बहाया। काफी जद्दोजहद और सामूहिक प्रयास के बाद आखिरकार वैन को कीचड़ से बाहर निकाला जा सका। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा और राहगीरो को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि खोकसरा-निष्टिगुडा मार्ग देवभोग क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों, 100 स्कूली बच्चों, शासकीय कर्मचारियों और स्कूली वैन आवागमन होता है।
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अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदार प्रशासनिक अमला नींद से जागते हैं या फिर ग्रामीणों को यूं ही रोज हादसों के साये में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।




