अंबिकापुर. सरगुजा जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों ने अब अपने हक की आवाज बुलंद कर दी है। महज 2 हजार रुपये के मानदेय में काम कर रहीं रसोइयों ने मानदेय बढ़ाने और कलेक्टर दर के अनुसार वेतन देने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर रसोईया संघ ने दो दिवसीय हड़ताल की चेतावनी दी है। वहीं, इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर सामूहिक इस्तीफे की बात कही गई है।
मैनपाट ब्लॉक की रसोइयों ने सरगुजा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। रसोइयों का कहना है कि उन्हें हर महीने महज 2 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। जबकि सुबह से दोपहर तक स्कूलों में भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को खाना परोसने, बर्तन साफ करने और अन्य जिम्मेदारियां भी उन्हीं के जिम्मे होती हैं।
रसोइयों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए चुनौती बन चुका है। इसी वजह से रसोईया संघ ने मानदेय बढ़ाने के साथ ही कलेक्टर दर के अनुसार पूर्णकालिक वेतन दिए जाने की मांग की है।
रसोइया संघ ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे दो दिवसीय हड़ताल पर जाएंगी। इसके बाद भी अगर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।
रसोइयों ने यहां तक कहा है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे सामूहिक इस्तीफा देने को भी मजबूर होंगी। अब देखना होगा कि रसोइयों की मांगों पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग क्या निर्णय लेते हैं और प्रस्तावित हड़ताल से पहले उनकी समस्याओं का कोई समाधान निकल पाता है या नहीं।




