अम्बिकापर. सुरगुजा जिले के दरिमा तहसील में पदस्थ क्लर्क अनिल कुमार गुप्ता ने खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो का प्रभावशाली व्यक्ति बताकर शिक्षा विभाग के लिपिक से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। आरोपी अनिल कुमार गुप्ता, जो दरिमा तहसील में लिपिक (क्लर्क) के पद पर तैनात हैं, ने जिला शिक्षा कार्यालय अंबिकापुर में पदस्थ लिपिक अखिलेश सोनी को झांसा देकर 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
अनिल गुप्ता ने पीड़ित अखिलेश सोनी को डराने-धमकाने के लिए खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो में अपनी “पहुंच” बताई और कहा कि वह ACB की किसी भी कार्रवाई से पीड़ित को बचा सकता है, लेकिन इसके बदले में 2 लाख रुपये देने होंगे। बाद में सौदा 1 लाख रुपये पर तय हुआ।
पीड़ित लिपिक अखिलेश सोनी ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत मिलने पर ACB की टीम ने जाल बिछाया और अंबिकापुर के घड़ी चौक इलाके में आरोपी अनिल कुमार गुप्ता को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ट्रैप के दौरान रिश्वत की राशि आरोपी के पास से बरामद की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई पीड़ित की शिकायत पर त्वरित और प्रभावी ढंग से की गई, जिससे भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की सख्त नीति का संकेत मिलता है।
एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना से सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ सतर्कता बढ़ी है।





