अंबिकापुर. सरगुजा में अवैध शराब तस्करी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अंतर्राज्यीय शराब माफिया पवन सिंह का एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में जानबूझकर वायरल किया गया है, जिसमें वह कोचिया अजित गुप्ता से बातचीत करता सुनाई दे रहा है। अजित गुप्ता मैनपाट क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री करता है और सूत्रों के अनुसार पवन सिंह के ही गिरोह के लिए काम करता है।
इस ऑडियो में पवन सिंह बाहर के राज्यों (मुख्यतः मध्य प्रदेश) से मंगाई गई अवैध शराब को मैनपाट और दरिमा क्षेत्र में खपाने की योजना पर चर्चा करता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, जिला आबकारी विभाग की टीम ने हाल ही में इनके गिरोह पर छापेमारी की थी, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई। विभाग की कार्रवाई के बाद माफिया ने कथित तौर पर यह षड्यंत्र रचा कि खुद का यह बातचीत वाला ऑडियो वायरल कर दिया जाए। मकसद यह था कि आबकारी विभाग की छवि खराब हो और कार्रवाई कमजोर पड़ जाए, ताकि सरगुजा में बड़ी खेप वाली मध्य प्रदेश की अवैध शराब आसानी से बिक सके।
सूत्र बताते हैं कि पवन सिंह द्वारा लाई गई मध्य प्रदेश की बड़ी खेप अभी सरगुजा में छिपी हुई है और उसे खपाने की तैयारी चल रही है। ऑडियो वायरल होने के बाद विभाग पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि कार्रवाई नरम हो जाए। वहीं, पुलिस विभाग की भी इस मामले पर नजर बनी हुई है, लेकिन अब तक पवन सिंह के खिलाफ कोई बड़ी या कड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
हाल ही में पवन सिंह के भाई लड्डू उर्फ रंजीत सिंह को अवैध शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। 25 जनवरी 2026 को आबकारी विभाग की टीम ने दरिमा थाना क्षेत्र के अड़ची नवानगर पुलिया के पास प्रेस लिखी लग्जरी कार से 15 पेटी मध्य प्रदेश की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की थी, जिसमें रंजीत सिंह गिरफ्तार हुआ जबकि उसका पवन सिंह सहित अन्य आरोपी फरार हो गए। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 1 लाख रुपये बताई गई।
जिला आबकारी विभाग लगातार छापेमारी अभियान चला रहा है और अवैध शराब के खिलाफ सतर्क है। पवन सिंह की सक्रियता से सरगुजा में गोवा लेबल वाली सरकारी शराब की बिक्री प्रभावित हो रही है। जो अन्य राज्यों से सस्ती शराब मंगाकर स्थानीय बाजार को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर, वह खुद की जेब भरने और अन्य राज्यों को फायदा पहुंचाने में लगा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, ऑडियो खुद पवन सिंह ने रिकॉर्ड करवाया और वायरल करवाया है, ताकि वह खुद को तस्कर के रूप में छिपाकर विभाग को बदनाम कर सके और अपनी कार्रवाई से बच सके। अब पवन सिंह को अंबिकापुर से फरार बताया जा रहा है और विभाग व पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
यह मामला अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क को उजागर कर रहा है, जिसमें अंतरराज्यीय तस्करी, स्थानीय कोचिया और माफिया की मिलीभगत शामिल है। वहीं स्थानीय लोग और अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस और आबकारी विभाग जल्द ही कड़ी कार्रवाई कर इस गिरोह का भंडाफोड़ करेगा।



