अंबिकापुर. सरगुजा जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक बुजुर्ग महिला को कागजों में मृत घोषित कर उसकी लाखों रुपये कीमत वाली जमीन हड़पने की साजिश रची गई. पीड़ित महिला खुद सामने आकर कह रही है कि वह जीवित है, लेकिन उसके भतीजे ने साजिश रचकर उसे मृत बताकर जमीन अपने नाम करा ली है. इस मामले में पटवारी और राजस्व विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है.
मामला अंबिकापुर के मेंड्रा खुर्द गांव का है, जहां की रहने वाली 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुगामती राजवाड़े ने अपने भतीजे कवलसाय राजवाड़े सहित चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सुगामती का कहना है कि उसके नाम पर दर्ज करीब 6 एकड़ जमीन को साजिश के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर हड़प लिया गया. महिला ने बताया, “मैं जीवित हूं, लेकिन मेरे भतीजे ने मुझे मृत बताकर राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर जमीन अपने नाम करा ली. मेरा मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बना, इसकी जांच होनी चाहिए” पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि इस साजिश में पटवारी और राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारी-अधिकारी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया.
सुगामती राजवाड़े ने अपनी शिकायत में कहा कि बिना उनकी जानकारी के मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया गया और उसी आधार पर जमीन का नामांतरण कर दिया गया. इस जमीन की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है. महिला ने अपने भतीजे कवलसाय राजवाड़े, साथ ही अन्य तीन लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुगामती ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और कलेक्टर से गुहार लगाई है. उन्होंने कलेक्टर से अपील की, “साहब, मैं जिंदा हूं, लेकिन एसडीएम ने मेरी जमीन मेरे भतीजे के नाम कर दी है”
वर्तमान में यह मामला राजस्व न्यायालय में चल रहा है, जहां फरवरी माह में अगली पेशी की तारीख तय की गई है. पीड़िता ने मांग की है कि मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो. राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठते हुए सुगामती ने कहा कि बिना सत्यापन के ऐसे दस्तावेज कैसे जारी हो सकते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरगुजा जिले में भूमि संबंधी फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार एक जीवित व्यक्ति को मृत बताकर जमीन हड़पने का यह अनोखा मामला है.
पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत दर्ज कर ली गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. राजस्व विभाग के सूत्रों का कहना है कि यदि मिलीभगत साबित हुई तो दोषी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी. इस घटना ने सरगुजा जिले में राजस्व प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह मामला भूमि मालिकों के लिए एक चेतावनी है कि दस्तावेजों की नियमित जांच जरूरी है. आगे की जांच से और खुलासे होने की संभावना है. हम इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और नई जानकारी मिलते ही अपडेट करेंगे.



