अंबिकापुर/ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मैनपाट को पर्यटन हब बनाकर विकसित करने की बजाय, इसे “खोदापुर” बनाकर पूरी तरह बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है.
“पर्यटन बढ़ाना है या पहाड़ खोदकर तबाह करना है..?”
“हम चाहते हैं कि मैनपाट में पर्यटन को बढ़ावा देकर क्षेत्र का चौतरफा विकास किया जाए, लेकिन कुछ लोग इसे खोद-खोद कर पूरा मैनपाट बर्बाद करके अपना विकास करना चाहते हैं. यह क्षेत्र की जनता के साथ धोखा है.”
वन अधिकार अधिनियम 2006 का उल्लंघन का आरोप
पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार के वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत स्थानीय आदिवासी एवं वनवासियों को जो पट्टे बांटे गए थे, उन्हें बिना किसी सुनवाई के रद्द करके उसी भूमि पर माइनिंग कंपनियों को खदान आवंटित की जा रही है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
“हमने जो पट्टे बांटे वो फर्जी हो गए, और अब यही पट्टे रद्द करके माइनिंग करने दे रहे हैं तो वो सही हो गए..? आखिर स्थानीय लोगों को इस पूरे खेल में मिल क्या रहा है..? कुछ नहीं, सिर्फ धूल और तबाही!”
31 दिसंबर 2005 का कट-ऑफ डेट याद दिलाया
अमरजीत भगत ने वन अधिकार कानून की मूल भावना को याद दिलाते हुए कहा, “वन अधिकार अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान था कि 31 दिसंबर 2005 तक जो लोग जंगल की जमीन पर काबिज थे, उन्हें पट्टा दिया जाएगा. लेकिन अब उन्हीं पट्टों को रद्द करके माइनिंग लीज दे दी जा रही है. यह आदिवासियों के साथ खुला अन्याय है”
जनता में रोष, आंदोलन की चेतावनी…मैनपाट क्षेत्र के ग्रामवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में इस प्रस्तावित खदान को लेकर भारी आक्रोश है. स्थानीय लोग इसे मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता और जैव-विविधता पर हमला बता रहे हैं. कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नहीं चेती तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी.
यह मामला आने वाले दिनों में सरगुजा की राजनीति को गरमा सकता है. क्षेत्र में पर्यटन बनाम खनन की लड़ाई एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है.
वहीं कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं ने ग्रामीणों सहित अन्य लोगों को पैसा का लालच देने का प्रयास कर रहे ताकि बढ़ती आक्रोश पर काबू पाया जा सके,सूत्रों से एक नामचीन भाजपा का नाम भी सामने आ चुका है जिसका पर्दाफाश जल्द ही सबके सामने की जाएगी.



