अम्बिकापुर. महापौर मंजूषा भगत शहर की सड़को को लेकर जनता को गुमराह कर रही हैं. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सड़कों के लिए एक एक नया पैसा भी नहीं मिला है महापौर द्वारा कांग्रेस कार्यकाल की स्वीकृति को अपना बताया जाना दुर्भाग्यजनक है. वरिष्ठ पार्षद निम्न राशि एक्का, गीता प्रजापति, पापिन्दर सिंह और शुभम जायसवाल ने महापौर को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि बताएं कौन कौन सी सड़को के लिए कितना पैसा जारी हुआ है..?
नेताप्रतिपक्ष ने सड़को के लिए राशि न मिलने पर सवाल उठाया था,महापौर दीगर विषयो पर अधूरी जानकारी दे रही है. कांग्रेस पार्षदों ने राज्य शासन के पत्र के हवाले से कहा कि महापौर जिन 3.83 करोड़ की प्रथम किश्त की बात कह रही हैं उनमें गांधी स्टेडियम में टेंसाइल रुफिंग के लिए 94.83 लाख, नवीन कार्यालय भवन के शेष कार्य के लिए 156.99 लाख और नवीन कार्यालय भवन में विद्युतीकरण के लिए 82.41 लाख रुपये जारी किया है. सड़कों के लिए एक पैसा भी नहीं मिला है 123 करोड़ का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति कांग्रेस के कार्यकाल में हुई थी. मुख्यमंत्री ने स्वयं इसका भूमिपूजन उसी कार्यक्रम में किया था जिसमे सड़को के लिए पैसे देने की बात कही थी. महामाया मंदिर कॉरिडोर भी कांग्रेस की परिकल्पना है. इसके तहत ही प्रथम चरण भव्य महामाया मंदिर प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य कराया गया है. “हंसुआ की शादी में खुरपा के गीत ” गाकर महापौर जनता को बरगलाना बंद करें और सीधे सीधे यह बताएं कि सड़के बरसात से पहले बन पाएंगी या नहीं…? नेता प्रतिपक्ष का जनहित के सवाल को दुर्भाग्यजनक बंटाने में अपनी क्षमता लगाने की बजाए जाएं और मुख्यमंत्री से सड़कों के लिए पैसे लेकर आएं.



