अंबिकापुर. सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरडीह में वाहन साइड लेने के छोटे से विवाद ने सांप्रदायिक रूप ले लिया था. विवाद के बाद हुई आगजनी की घटना में अब धौरपुर राजपरिवार के सदस्यों समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है. घटना से गांव में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत 2 अप्रैल को हुई थी. धौरपुर निवासी रोहितेश्वर प्रताप सिंह (धौरपुर राजपरिवार से जुड़े युवक) अपने फार्म हाउस जा रहे थे. रास्ते में डुमरडीह निवासी कादिर खान के ऑटो को साइड देने के विवाद में दोनों वाहनों में टक्कर हो गई. इसके बाद कादिर खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर रोहितेश्वर सिंह पर हमला बोल दिया. आरोप है कि हमलावरों ने फार्म हाउस में घुसकर मारपीट की, गाली गलौज और रोहितेश्वर की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. इस मारपीट मामले में धौरपुर थाने में 4 अप्रैल को 5 नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं (126(2), 191(1), 333, 296, 351(3), 115(2), 324(2)) के तहत FIR दर्ज की गई. पुलिस ने रविवार सुबह छापेमारी कर सभी पांचों को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया.
लेकिन घटना यहीं नहीं रुकी. हिंदू समाज के लोगों में आक्रोश फैलने के बाद डुमरडीह गांव में रैली निकाली गई. रैली के दौरान भीड़ ने एक ऑटो रिक्शा और एक गुमटी (छोटी दुकान) को आग के हवाले कर दिया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया जा रहा है.
आगजनी मामले में नई FIR…राजपरिवार के कुछ सदस्यों समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ


आगजनी और बलवा की घटना को लेकर प्रभावित पक्ष (मुस्लिम समुदाय के लोग) ने धौरपुर थाने में तहरीर दी. इसमें धौरपुर राजपरिवार के कुछ सदस्यों समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगजनी व बलवा करने के आरोप में चार युवकों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आसपास के थानों से अतिरिक्त बल बुलाकर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
गांव के लोग डरे-सहमे अपने घरों में बंद हैं. दुकानें बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है. वहीं फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.
यह घटना सरगुजा जिले में सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर रही है. जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने का प्रयास शुरू कर दिया है ताकि स्थिति सामान्य हो सके.





