जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में आज सुबह से ही सियासत और समाज का माहौल पूरी तरह गरमा गया। ईसाई आदिवासी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में आदिवासी लोगों ने “छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026” के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया। रैली के बाद आमसभा में विधेयक को “काला कानून” करार देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान छीनने का आरोप लगाया गया।
रैली स्थानीय खेल मैदान से सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई। प्रदर्शनकारी बस स्टैंड, मुख्य बाजार और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए वापस खेल मैदान पहुंचे। वहां रैली आमसभा में बदल गई, जिसमें कई वक्ताओं ने एक के बाद एक सरकार पर हमला बोला।
वक्ताओं ने विधेयक को बताया “आदिवासी समाज पर हमला”
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह विधेयक आदिवासियों की धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर सवाल उठाते हुए कहा, “आदिवासी समाज की पहचान और आस्था को कुचलने की साजिश हो रही है।” वक्ताओं ने जोर देकर मांग की कि राज्यपाल इस विधेयक पर हस्ताक्षर न करें।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी – “अगर यह विधेयक कानून बना तो हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और सड़क पर भी उतरेंगे।”
सरकार का पक्ष : जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने का दावा…
सरकार की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सरकार का स्पष्ट रुख है कि ऐसे कानून का मकसद सिर्फ जबरन धर्मांतरण को रोकना है, न कि किसी की धार्मिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाना।
पुलिस अलर्ट, कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद…
रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह तैनात रहा। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी सुरक्षा बल मौजूद था। रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण रही।
जशपुर में सियासी पारा चढ़ा, अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर…
यह प्रदर्शन जशपुर जिले में सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर चल रहे बड़े विवाद का हिस्सा है। विधेयक पर सियासत तेज हो गई है और अब सभी की नजरें राज्यपाल और सरकार के अगले रुख पर टिकी हुई हैं।
क्या सरकार विधेयक पर अड़ी रहेगी या विरोध को देखते हुए कोई रास्ता निकालेगी.?
जशपुर के इस प्रदर्शन ने पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है।





