अंबिकापुर. सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत चोरकीडीह गांव में विकास की नई किरण चमक रही है. वर्षों से पानी की किल्लत से जूझ रहे इस गांव के ग्रामीणों के लिए अब शुद्ध पेयजल घर-घर पहुंचना शुरू हो गया है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन (हर घर जल) योजना के सफल क्रियान्वयन से गांव के करीब 150 घरों में नल कनेक्शन से शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है. गर्मी के मौसम से ठीक पहले इस सुविधा का मिलना ग्रामीणों के लिए राहत भरी सौगात साबित हो रहा है.
पहले गांव में पानी की स्थिति बेहद दयनीय थी. महिलाएं और बच्चे सुबह-शाम दूर स्थित कुओं, या हैंडपंपों से पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करते थे. भारी बर्तन सिर पर उठाकर चढ़ाई-उतार की थकान रोजाना का हिस्सा थी. गर्मियों में पानी का स्तर और नीचे चला जाता, जिससे घंटों इंतजार करना पड़ता. कई बार पानी दूषित होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती थीं.
अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. गांव के हर घर तक पाइपलाइन बिछाई गई है और नल से सीधे शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि अब पानी लाने में लगने वाला समय बच गया है, जिससे वे अन्य उत्पादक कामों जैसे खेती, पशुपालन और घरेलू कार्यों पर ध्यान दे पा रहे हैं. खासकर महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है. वे अब बच्चों की पढ़ाई, परिवार की देखभाल और अन्य गतिविधियों में ज्यादा समय दे पा रही हैं.
ग्रामीणों की खुशी और अनुभव…
गांव के निवासी उत्साह से भरे हुए हैं. एक स्थानीय महिला ने बताया, “पहले तो दिन का बड़ा हिस्सा पानी ढोने में निकल जाता था. अब नल खोलते ही साफ पानी आ जाता है. बच्चों को स्कूल भेजने में देरी नहीं होती और हमारा स्वास्थ्य भी बेहतर हो रहा है.”
एक अन्य ग्रामीण ने कहा, “यह योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई है. गर्मी आने वाली है, पहले हम चिंता करते थे कि कैसे पानी जुटाएंगे, लेकिन अब चिंता खत्म हो गई.”
गांव में स्वच्छता का स्तर भी बढ़ने की उम्मीद है. शुद्ध पानी के नियमित उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में कमी आने की संभावना है, जिससे समग्र स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होगा.
जल जीवन मिशन का महत्व…
जल जीवन मिशन भारत सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य 2024 तक (और आगे भी) हर ग्रामीण परिवार को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है. छत्तीसगढ़ में भी इस योजना के तहत कई गांवों में काम हो रहा है. चोरकीडीह गांव इसका एक सकारात्मक उदाहरण बन गया है, जहां योजना का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हुआ है.
स्थानीय प्रशासन और पंचायत के प्रयासों से पाइपलाइन बिछाने, पानी के स्रोत विकसित करने और नल कनेक्शन देने का काम समय पर पूरा किया गया. ग्रामीणों का मानना है कि अगर ऐसी योजनाएं लगातार सही तरीके से लागू होती रहीं, तो गांवों का चेहरा पूरी तरह बदल सकता है.
चोरकीडीह अब विकास की मिसाल बन रहा है. पानी जैसी बुनियादी जरूरत पूरी होने से न केवल दैनिक जीवन आसान हुआ है, बल्कि गांव के समग्र विकास की नींव भी मजबूत हुई है. ग्रामीणों में उत्साह है कि भविष्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में और बेहतर बदलाव देखने को मिलेंगे.
यह खबर उन हजारों गांवों के लिए प्रेरणा है, जहां अभी भी पानी की समस्या बनी हुई है. सही क्रियान्वयन से जल जीवन मिशन वाकई ग्रामीण भारत को सशक्त बना सकता है.





