अंबिकापुर. सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर में चैत्र नवरात्रि (वासंतिक नवरात्रि) की शुरुआत के साथ ही भक्ति और आस्था का माहौल चरम पर पहुंच गया है। शहर की आराध्य देवी मां महामाया मंदिर में पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। भोर से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं, और “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा है।
मां महामाया मंदिर, जो अंबिकापुर की कुलदेवी के रूप में विख्यात है और यहां मां के धड़ की पूजा की अनोखी परंपरा है (जबकि रतनपुर में सिर की पूजा होती है), नवरात्रि के दौरान लाखों भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। मंदिर परिसर फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सज्जा से जगमगा उठा है, जो मन को मोह लेने वाला दृश्य प्रस्तुत कर रहा है।
पहले दिन का नजारा…
सुबह-सुबह से ही भक्त दर्शन के लिए पहुंचने लगे, जिससे मंदिर के पट खुलते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा।
श्रद्धालु भक्ति में डूबे हुए, हाथ जोड़े मां के दरबार में अपनी मनोकामनाएं अर्पित करते नजर आए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी भक्त शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।
शहर के अन्य मंदिरों और शक्तिपीठों में भी इसी तरह भक्तों की भीड़ देखी जा रही है, लेकिन मां महामाया मंदिर में सबसे ज्यादा उत्साह दिख रहा है।
नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां महामाया की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने की प्रबल आस्था है। शहर भर में भक्तिमय वातावरण है, जहां हर तरफ जयकारे और भजन गूंज रहे हैं।
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